अब रोज होगी जिलों की ‘क्लास’: भूमि मामलों पर मंत्री दिलीप जायसवाल करेंगे 38 जिलों की सीधी समीक्षा

 
Bihar News: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी 38 जिलों में भूमि एवं राजस्व से जुड़े कार्यों की अब प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। इस विशेष अभियान की निगरानी स्वयं दिलीप कुमार जायसवाल करेंगे।

विभाग के निर्देशानुसार 25 मई से 11 जून 2026 तक चलने वाले इस समीक्षा अभियान में जिलों के प्रदर्शन, लंबित मामलों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना और आम लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान सुनिश्चित करना है।

हर दिन तीन जिलों की होगी समीक्षा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्रत्येक कार्य दिवस पर तीन अलग-अलग जिलों की तीन चरणों में समीक्षा की जाएगी।

* पहली पाली: शाम 4 बजे से 5 बजे तक
* दूसरी पाली: शाम 5 बजे से 6 बजे तक
* तीसरी पाली: शाम 6 बजे से 7 बजे तक

बैठक में जिलाधिकारी, अपर समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता (DCLR), अंचलाधिकारी (CO) तथा अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

इन मामलों पर रहेगी विशेष नजर

दैनिक समीक्षा के दौरान विभाग विशेष रूप से ऑनलाइन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लंबित और अस्वीकृत मामलों की जांच करेगा। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की प्रगति भी परखी जाएगी।

मुख्य बिंदु:

* परिमार्जन प्लस योजना की प्रगति
* डिजिटाइज्ड जमाबंदी का शुद्धिकरण
* छूटी हुई जमाबंदियों का ऑनलाइन डिजिटाइजेशन
* ई-मापी एवं अभियान बसेरा की स्थिति
* सरकारी भूमि का सत्यापन
* भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास की प्रगति
* राजस्व महा-अभियान के आवेदन
* भूमि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
* जन शिकायतों का निपटारा
* सहयोग शिविरों की समीक्षा
* फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति

लापरवाही पर हो सकती है कार्रवाई

विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि समीक्षा बैठक में शामिल होने वाले सभी अधिकारियों को अपने जिले और अंचल से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट के साथ उपस्थित होना होगा। माना जा रहा है कि समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

मंत्री ने बताया अभियान का उद्देश्य

मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि इस डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था का उद्देश्य भूमि और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करना है। साथ ही, ऑनलाइन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार कर आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

25 मई से शुरू होगा जिलों का रिपोर्ट कार्ड

विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 25 मई से पश्चिम चंपारण, सहरसा और वैशाली से समीक्षा की शुरुआत होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 11 जून तक सभी 38 जिलों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।

राजस्व विभाग की इस पहल को बिहार में भूमि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।