बिहार में 5,600 करोड़ का सबसे बड़ा निजी निवेश, बिहटा में स्थापित होगी यूनिट, हजारों लोगों को मिलेगी नौकरी
Bihar news: बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अम्पेरा लाइफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Empra Life India Pvt. Ltd.) ने पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में अत्याधुनिक फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक्नोलॉजी विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 5,600 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसे बिहार के इतिहास में किसी एक निजी कंपनी द्वारा किया जाने वाला सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है। इस परियोजना को बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है।
इस परियोजना के तहत कंपनी को बिहटा के सिकंदरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 9.64 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। प्रस्तावित इकाई में उन्नत फार्मास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निवेश से बिहार में उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण उद्योग को नई पहचान मिलेगी और राज्य का औद्योगिक परिदृश्य मजबूत होगा। वहीं इससे लगभग 1,500 प्रत्यक्ष रोजगार होने की उम्मीद है।
अम्पेरा लाइफ इंडिया का निवेश उस समय सामने आया है, जब बिहार सरकार राज्य को देश के नए औद्योगिक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में BIADA की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी ने कुल 29 औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें लगभग 5,998.47 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हुआ है। इनमें अकेले अम्पेरा लाइफ इंडिया का निवेश कुल प्रस्तावित निवेश का बड़ा हिस्सा है।
इन परियोजनाओं के लिए राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 37.95 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इनमें पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र के अलावा हथुआ फेज-3, फोर्ब्सगंज, लोहट फेज-1, बरियारपुर और फतुहा औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही उद्योगों को तेजी से शुरू करने के उद्देश्य से प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स को भी मंजूरी दी गई है, जिससे कंपनियों को निर्माण कार्य में लगने वाला समय कम होगा और उत्पादन जल्द शुरू किया जा सकेगा।
सरकार का अनुमान है कि इन 29 परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 3,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रस्तावित उद्योगों में फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक्नोलॉजी के अलावा मेडिकल टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, केमिकल, प्लास्टिक उत्पाद, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), लिथियम-आयन बैटरी, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), फर्नीचर और अन्य विनिर्माण क्षेत्र शामिल हैं। इससे बिहार में उद्योगों का दायरा और विविधता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि ये निवेश राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। वहीं, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एवं BIADA के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही बेहतर बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां विकसित की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक निवेशक बिहार की ओर आकर्षित हों।
राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क, रेल और शहरी बुनियादी ढांचे के साथ-साथ पटना मेट्रो जैसी परियोजनाओं और निवेश-अनुकूल माहौल के कारण बिहार अब बड़े निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। अम्पेरा लाइफ इंडिया का 5,600 करोड़ रुपये का निवेश इसी बदलते औद्योगिक वातावरण का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में बिहार को फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक्नोलॉजी विनिर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।