धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर PM मोदी को चिट्ठी, हाजी परवेज सिद्दीकी ने मांगा देशभर में समान कानूनी प्रोटोकॉल
Bihar News: देशभर में धार्मिक स्थलों से जुड़े प्रशासनिक मामलों में एक जैसी और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया लागू करने की मांग उठी है। प्रसिद्ध मुस्लिम स्कॉलर और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। उन्होंने “National Legal & Protection Protocol for Religious Places” तैयार करने का अनुरोध किया है।
हाजी परवेज सिद्दीकी का कहना है कि मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च या किसी अन्य धार्मिक स्थल से जुड़े प्रशासनिक मामलों में कानून और उसकी प्रक्रिया सभी के लिए समान होनी चाहिए। उन्होंने कार्रवाई की स्थिति में पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
कार्रवाई से पहले नोटिस और पक्ष रखने का मौका देने की मांग
हाजी परवेज सिद्दीकी ने कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ कानून के तहत प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी हो, तो संबंधित पक्ष को लागू नियमों के अनुसार नोटिस, आपत्ति या अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कारणयुक्त आदेश और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि उनकी पहल का उद्देश्य किसी अवैध निर्माण को संरक्षण देना नहीं, बल्कि किसी भी कार्रवाई को कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराने की व्यवस्था बनाना है।
विकास परियोजनाओं के दौरान भी स्पष्ट नियम की जरूरत
पत्र में सड़क चौड़ीकरण, हाईवे, रेलवे, मेट्रो, सार्वजनिक आधारभूत ढांचे और पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। हाजी परवेज सिद्दीकी के मुताबिक, ऐसी परियोजनाओं के दौरान यदि किसी धार्मिक स्थल से संबंधित कार्रवाई आवश्यक हो तो पहले भूमि और सरकारी रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही नोटिस और प्रतिनिधित्व का अवसर, संभावित वैकल्पिक उपायों की समीक्षा और कारणयुक्त आदेश जैसी प्रक्रियाओं को भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
Places of Worship Act का भी दिया हवाला
हाजी परवेज सिद्दीकी ने अपने प्रस्ताव में Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 और संविधान में समानता तथा धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े प्रावधानों का संदर्भ दिया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से राज्यों और जिला प्रशासन के लिए लागू कानूनों और संबंधित न्यायिक निर्णयों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट प्रशासनिक दिशा-निर्देश तैयार करने पर विचार करने का अनुरोध किया है।
धार्मिक स्थलों के रिकॉर्ड डिजिटल करने पर जोर
प्रस्तावित प्रोटोकॉल में धार्मिक स्थलों से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल और व्यवस्थित करने का सुझाव भी दिया गया है।
इसके अलावा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के न्यूनतम मानक, प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया, अधिकारियों की जवाबदेही और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की स्पष्ट जानकारी जैसे विषयों को भी शामिल करने की मांग की गई है।
अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण का सुझाव
हाजी परवेज सिद्दीकी ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के लिए संविधान, संबंधित कानूनों, न्यायिक फैसलों और संवेदनशील प्रशासनिक मामलों से जुड़े विशेष प्रशिक्षण की जरूरत बताई है।
उनका कहना है कि अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने से धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक निर्णय लेते समय प्रक्रिया को लेकर अस्पष्टता कम की जा सकती है।
‘विकास और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन जरूरी’
हाजी परवेज सिद्दीकी ने कहा कि देश को विकास, कानून-व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द तीनों की जरूरत है। उनके मुताबिक, इन क्षेत्रों के बीच संतुलन के लिए नियम स्पष्ट और प्रक्रिया पारदर्शी होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र किसी एक धर्म के लिए अलग व्यवस्था की मांग नहीं करता, बल्कि मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च और अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में लागू कानून के अनुसार समान प्रक्रियात्मक व्यवस्था की मांग करता है।
केंद्र से मॉडल प्रोटोकॉल बनाने की अपील
हाजी परवेज सिद्दीकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श कर National Model Legal & Protection Protocol या आवश्यक मॉडल दिशा-निर्देश तैयार करने की दिशा में पहल करने का अनुरोध किया है।
उनका कहना है कि स्पष्ट नियम और पारदर्शी प्रक्रिया से प्रशासनिक फैसलों में स्पष्टता आएगी और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में कानून के पालन की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।