बिहार में 18 साल बाद लाइब्रेरियन भर्ती की उम्मीद, डेढ़ माह में प्रक्रिया शुरू होने का आश्वासन
Bihar News: बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े पुस्तकालयाध्यक्षों के पदों पर भर्ती को लेकर बड़ी उम्मीद जगी है। करीब 18 वर्षों से लंबित लाइब्रेरियन बहाली अब आगे बढ़ सकती है। राज्यपाल ने लगभग डेढ़ माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की दिशा में आवश्यक पहल का आश्वासन दिया है।
सोमवार को पटना स्थित राजभवन में ऑल बिहार ट्रेड लाइब्रेरी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विकास चन्द्र सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं की लंबे समय से लंबित भर्ती और उच्च शिक्षण संस्थानों में खाली पड़े पदों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
18 वर्षों से नियुक्ति का इंतजार
एसोसिएशन ने राज्यपाल को बताया कि बिहार में पिछले करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से पुस्तकालयाध्यक्षों की नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और डिग्री कॉलेजों में पुस्तकालयाध्यक्ष, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष और लाइब्रेरी अटेंडेंट के पद सृजित होने के बावजूद कई पद लंबे समय से खाली हैं।
इसका असर एक ओर उच्च शिक्षण संस्थानों की पुस्तकालय व्यवस्था पर पड़ रहा है, तो दूसरी ओर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की पढ़ाई कर चुके हजारों अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर का इंतजार करना पड़ रहा है।
एमलिब अभ्यर्थियों को मिले मौका
प्रतिनिधिमंडल ने भर्ती प्रक्रिया में मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (एमलिब) की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को लाइब्रेरियन पद के लिए अवसर देने की मांग भी रखी।
एसोसिएशन की ओर से इससे पहले भी राज्यपाल को पत्र के माध्यम से रिक्त पदों पर नियुक्ति शुरू करने और पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के अभ्यर्थियों की समस्याओं से अवगत कराया गया था।
राज्यपाल ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति को जरूरी बताते हुए इस दिशा में जल्द कदम उठाने की बात कही। उन्होंने संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल का आश्वासन देते हुए करीब डेढ़ माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई की बात कही।
राज्यपाल ने लाइब्रेरियन दिवस के मौके पर एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम की सफलता पर भी प्रतिनिधिमंडल को बधाई दी। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि राज्य में लंबे समय से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं हुई है, जबकि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पद पहले से सृजित हैं।
युवाओं को रोजगार और संस्थानों को मिलेंगे कर्मचारी
राज्यपाल के सकारात्मक रुख के बाद पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान से जुड़े अभ्यर्थियों में उम्मीद बढ़ी है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विकास चन्द्र सिंह ने कहा कि यदि लंबित भर्ती प्रक्रिया शुरू होती है तो लंबे समय से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे योग्य युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।
साथ ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की लाइब्रेरी में लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की कमी भी दूर हो सकेगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर पुस्तकालय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रतिनिधिमंडल में पटना जिला अध्यक्ष हर्षित राज भी मौजूद रहे।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्यपाल के आश्वासन के बाद संबंधित विभाग भर्ती प्रक्रिया को किस समय-सीमा में आगे बढ़ाता है और वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आधिकारिक भर्ती विज्ञापन कब जारी होता है।