लाइट, कैमरा, बिहार! 45 फिल्मों की शूटिंग को मिली मंजूरी, 39 पूरी- फिल्म इंडस्ट्री का नया हॉटस्पॉट बना राज्य
हर भाषा में बन रहीं फिल्में
इन प्रोजेक्ट्स में हिंदी, भोजपुरी, मगही, मैथिली और इंग्लिश जैसी कई भाषाओं की फिल्में शामिल हैं। कुल प्रोजेक्ट्स में 38 फीचर फिल्में, 6 डॉक्यूमेंट्री और 1 वेब सीरीज शामिल हैं, जो बिहार की विविध संस्कृति और कहानियों को बड़े पर्दे पर ला रही हैं।
फिल्म प्रोत्साहन नीति का दिखा असर
राज्य सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है। निर्माताओं को सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और प्रशासनिक सहयोग मिलने से बिहार फिल्मकारों के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बन गया है।
इन लोकेशनों पर चल रही शूटिंग
राजगीर, बोधगया, पटना, गया, मुंगेर और चंपारण जैसे ऐतिहासिक और खूबसूरत स्थलों पर इन फिल्मों की शूटिंग हो रही है। इन लोकेशनों के जरिए बिहार की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
कंटेंट से लेकर संस्कृति तक
‘संघतिया’, ‘बिहार का जलवा’, ‘चंपारण सत्याग्रह’, ‘मगध पुत्र’ और ‘बोध गया का महाबोधि मंदिर’ जैसे कई प्रोजेक्ट्स बिहार की जड़ों और कहानियों को बड़े पैमाने पर पेश कर रहे हैं।