17 अगस्त से महागठबंधन की "वोट अधिकार यात्रा", 1 सितंबर को पटना में होगा समापन

 

Patna: बिहार में महागठबंधन 17 अगस्त से एक नई राजनीतिक पहल शुरू करने जा रहा है। इसका नाम है "वोट अधिकार यात्रा", जो 1 सितंबर तक चलेगी और राज्य के 23 जिलों से होकर गुजरेगी। इस दौरान तीन दिन का ब्रेक भी रखा गया है। यात्रा का मकसद चुनाव आयोग पर SIR के नाम पर हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जनता को जागरूक करना है।

इस यात्रा में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत इंडिया गठबंधन के सभी छह घटक दलों के नेता हिस्सा लेंगे।

जिलों में समन्वयकों की नियुक्ति

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस यात्रा को लेकर सभी जिलों में समन्वयकों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। इनमें शामिल हैं: 

  • रोहतास: अजय राय, रामकिशन ओझा
  • औरंगाबाद: धीरज गुर्जर
  • गया: कमलेश्वर पटेल
  • नालंदा: दिनेश गुर्जर (विधायक)
  • शेखपुरा: संजय कपूर
  • लखीसराय: सत्य नारायण पटेल
  • मुंगेर: नुएलांशु चतुर्वेदी
  • भागलपुर: अशोक सिंह (सांसद)
  • कटिहार: भजन लाल जाटव
  • पूर्णिया: रामलाल जाट
  • अररिया: नदीम जावेद
  • सुपौल: वीरेन्द्र राठौड़
  • मधुबनी: शीशपाल सिंह (विधायक)
  • दरभंगा: अनिल चौधरी
  • मुजफ्फरपुर: कुलदीप वत्स
  • सीतामढ़ी: सबरी असलम शेख
  • मोतिहारी: क़ाज़ी निज़ामुद्दीन
  • पश्चिमी चंपारण: तनुज पुनिया (सांसद)
  • गोपालगंज: प्रियव्रत सिंह
  • सीवान: राजेश ठाकुर
  • छपरा (सोरांव): सचिन यादव
  • आरा (भोजपुर): कुमार जय मंगल (विधायक)
  • पटना: अविनाश पांडे, सतेज बंटी पाटिल, चेतन चौहान

यात्रा के समन्वयक के तौर पर मनोज त्यागी और शुशांत मिश्रा को भी जिम्मेदारी दी गई है।

यात्रा का रूट और तारीखें

  • 17 अगस्त: सासाराम (रोहतास) से शुरुआत
  • 18 अगस्त: औरंगाबाद
  • 19 अगस्त: गया, नालंदा
  • 20 अगस्त: ब्रेक
  • 21 अगस्त: शेखपुरा, लखीसराय
  • 22 अगस्त: मुंगेर, भागलपुर
  • 23 अगस्त: कटिहार
  • 24 अगस्त: पूर्णिया, अररिया
  • 25 अगस्त: ब्रेक
  • 26 अगस्त: सुपौल, मधुबनी
  • 27 अगस्त: दरभंगा, मुजफ्फरपुर
  • 28 अगस्त: सीतामढ़ी, मोतिहारी
  • 29 अगस्त: बेतिया, गोपालगंज, सिवान
  • 30 अगस्त: छपरा, आरा
  • 31 अगस्त: ब्रेक
  • 1 सितंबर: पटना (गांधी मैदान) में समापन

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह यात्रा 2025 विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष के लिए बड़ा जनसंपर्क अभियान साबित हो सकती है।