नालंदा में गूंजेगा ज्ञान का महाकुंभ: राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में इतिहास और भविष्य का संगम
यह आयोजन सिर्फ डिग्री वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और वैश्विक शिक्षा जगत के बीच मजबूत सेतु का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
31 देशों के छात्र, वैश्विक रंग में रंगा समारोह
राजगीर स्थित विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 31 देशों से आए 617 छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मू मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगी, वहीं “विश्वमित्रालय सभागार” का उद्घाटन भी इस खास मौके को और यादगार बनाएगा।
अतीत से साक्षात्कार, विरासत को नमन
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति विश्व प्रसिद्ध नालंदा महाविहार के खंडहर का भी भ्रमण करेंगी। यही वह ऐतिहासिक स्थल है, जहां कभी पूरी दुनिया से छात्र ज्ञान अर्जित करने आते थे। आज उसी गौरवशाली विरासत को नए युग में पुनर्जीवित करने की कोशिश जारी है।
हाई अलर्ट: सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस वीवीआईपी दौरे को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। नालंदा, गया, पटना, जहानाबाद समेत कई जिलों से करीब 2500 सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी
इस मौके पर देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर, राज्यपाल सैयद अता हसनैन और कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। साथ ही बिहार संग्रहालय के सहयोग से बौद्ध विरासत पर विशेष प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
नालंदा: जहां इतिहास और भविष्य मिलते हैं
आज का नालंदा सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि भारत की बौद्धिक विरासत, सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक दृष्टि का प्रतीक बन चुका है। यहां अतीत की गौरवगाथा और भविष्य की संभावनाएं एक साथ जीवंत हो उठती हैं।