वैशाली में गैस कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, DM वर्षा सिंह के निर्देश पर सख्त मॉनिटरिंग: 8 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को राहत

 
Bihar News: वैशाली जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर गैस एजेंसियों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आम लोगों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल 67 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से 8 लाख 6 हजार 738 घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की आपूर्ति की जा रही है।

गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। इसके अलावा वरीय अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी लगातार गैस एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान अब तक एलपीजी जमाखोरी और कालाबाजारी से जुड़े दो मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि 10 मई 2026 तक जिले में 13,087 गैस सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं औसतन प्रतिदिन 12,624 सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है। वर्तमान में गैस वितरण का बैकलॉग लगभग 5.1 दिनों का बताया गया है।

डीएम वर्षा सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहरी क्षेत्रों में अंतिम डिलीवरी के 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के बाद ही नई बुकिंग की अनुमति दी जाए, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही सभी गैस एजेंसियों को अपने कार्यालय के बाहर प्रतिदिन वितरण तिथि, आगामी वितरण कार्यक्रम और उपलब्ध स्टॉक की अद्यतन जानकारी प्रदर्शित करने का निर्देश भी दिया गया है।

डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एलपीजी गैस वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या उपभोक्ताओं की शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लगातार पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहा है और कालाबाजारी व जमाखोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।