वैशाली नाव हादसे के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन, 13 बच्चों की मौत के बाद हटाए गए CO दीपक कुमार
राघोपुर प्रखंड अंतर्गत रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार को नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। डीएम वर्षा सिंह ने तत्कालीन अंचलाधिकारी दीपक कुमार को हटा दिया है।
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह द्वारा अंचल संबंधी कार्यालयीय कार्यों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राघोपुर अंचल की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार प्रभात, अंचल अधिकारी पातेपुर को उनके वर्तमान दायित्वों के अतिरिक्त अंचल अधिकारी राघोपुर का प्रभार सौंपा गया है
उन्हें अविलंब प्रभार ग्रहण कर अंचल से संबंधित सभी कार्यों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दीपक कुमार, अधिसूचित अंचल अधिकारी राघोपुर को अगले आदेश तक जिला जन शिकायत कोषांग, वैशाली में प्रतिनियुक्त किया गया है। जिला पदाधिकारी द्वारा जारी उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है
गौरतलब हो कि नाव हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने अंचलाधिकारी दीपक कुमार पर लापरवाही का आरोप लगाया था। ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ के बाद भी नावों के परिचालन पर कोई निगरानी नहीं रखी गई। घटना के बाद डीएम द्वारा उनका वेतन बंद कर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
जिला प्रशासन के अनुसार, जो नाव पलटी, वह सरकारी नहीं, बल्कि पर्सनल थी। राघोपुर में बाढ़ और आपदा कार्यों के लिए छह सरकारी नावों के अलावा निजी नावों का इस्तेमाल जुलाई से लेकर सितंबर तक किया गया था। इसके लिए प्रशासन ने निजी नाव मालिकों के साथ एग्रीमेंट किया था।
प्रशासन के बयान के मुताबिक, नाव में पहले से छेद था। उसे स्टील की प्लेट लगाकर बंद किया गया और ऊपर से रंग दिया गया था। हादसे के समय प्लेट हट गई, जिससे नाव में पानी भरने लगा। प्रशासन ने क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और नाव का संतुलन बिगड़ने को भी हादसे की वजहों में शामिल किया है।
नाव की स्थिति पहले से खराब थी, तो यह पता लगाना जरूरी है कि उसे आपदा कार्यों में इस्तेमाल करने की अनुमति किस आधार पर दी गई थी? जांच में नाव मालिक और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए समझौते, निरीक्षण और मरम्मत से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल भी जरूरी है।