मामा बना राक्षस! अपने ही भांजे को किया KIDNAP, मीडिया से सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत लिए एक्शन और बच्चे को सही सलामत खोज निकाला
Sitamarhi: वह भी एक जमाना था जब बेहद कोमल सी भावनाएं जुडी रहती थी मामा से , हर प्यारी चीज़ मामा से जोड़ दी जाती थी. मामा मतलब बेहद प्यारा प्राणी. हर बच्चा एक छोटा सा सपना सा संजोये रहता था , मामा से मिलने का. गर्मी की छुट्टियों में मामा घर जाने का और फिर वहाँ से आकर महीनो तक अपने किस्से दोस्तों को बताने का आनंद की कुछ और था. कहते हैं बच्चा अपने परिवार वालों पर सबसे ज्यादा भरोसा करता है. माता-पिता के बाद ननिहाल पक्ष से बच्चों को सबसे ज्यादा प्यार मिलता है. अगर वहीं से धोखा मिल जाए तो क्या कहेंगे? कुछ ऐसा ही मामला सीतामढ़ी से सामने आया है.
मामा निकला मुख्य साजिशकर्ता : नगर थाना क्षेत्र के अमघट्टा गांव से अपहृत पांच वर्षीय बच्चे के अपहरण की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस सनसनीखेज मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बच्चे का अपहरण किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके रिश्ते में लगने वाले मामा ने ही किया था. मामले का खुलासा एसडीपीओ सदर राजीव कुमार सिंह ने नगर थाने में प्रेस वार्ता कर किया.
'बच्चे को बेचने की थी कोशिश' : एसडीपीओ सदर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अनुसंधान में मामला सामने आया है कि बच्चे के मामा भोला राय ने अपने दो सहयोगी राहुल कुमार और मिथलेश कुमार के साथ मिलकर बच्चे को बेचने की नीयत से उसका अपहरण किया था. आरोपियों की योजना बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने की थी.
बच्चे को दिल्ली से लाकर छोड़ा : बच्चे को लेकर दोनों दिल्ली के लिए रवाना भी हो गए. पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर अपहरणकर्ता भोला कुमार को गिरफ्तार किया. भोला राय की निशानदेही पर उसके दोनों सहयोगियों के घर शिवहर जिले के श्यामपुर भटहा में पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस की दबिश को देखते हुए अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को दिल्ली से लाकर श्यामपुर भटहा में छोड़ दिया, जहां से पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर लिया. फिलहाल पुलिस बाल तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
''मुख्य आरोपी भोला राय को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि उसके दो सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस हर बिंदुओं पर जांच कर रही है. किसी भी सूरत में गलत गतिविधि करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. सीतामढ़ी पुलिस इसको लेकर गंभीर है.''- राजीव कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ, सीतामढ़ी
बच्चे को पाकर परिवार वाले खुश : मीडिया से सूचना मिलने के बाद पुलिस एक्शन में आयी थी क्योंकि कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था. 24 घंटे के अंदर आखिरकार पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया. बच्चे को अपने पास पाकर परिवार वाले राहत की सांस ले रहे हैं. वे काफी खुश दिखाई पड़ रहे हैं.