दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जलाने वाले पति को उम्रकैद, चार साल बाद अदालत ने पीड़ित परिवार को दिलाया इंसाफ

Munger: 27 जून 2021 को आरोपी संजीत कुमार ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर अपनी पत्नी खुशबू देवी पर किरासन तेल छिड़ककर आग लगा दी थी. गंभीर रूप से झुलसी खुशबू को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया. इलाज के दौरान 1 जुलाई 2021 को उनकी मौत हो गई.
 

Munger: बिहार के मुंगेर जिले में चार साल पुराने चर्चित दहेज हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक गुप्ता की अदालत ने पत्नी को कथित तौर पर जिंदा जलाकर हत्या करने के दोषी पति संजीत कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इसके अलावा दहेज प्रताड़ना के मामले में उसे तीन साल के कारावास की अलग से सजा सुनाई गई है. फैसले के बाद मृतका के परिजनों ने कहा कि चार वर्षों के लंबे कानूनी संघर्ष के बाद आखिरकार उन्हें न्याय मिला है.

2021 में हुई थी दिल दहला देने वाली घटना

यह मामला मुंगेर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र के मानगढ़ गांव का है. अभियोजन के अनुसार, 27 जून 2021 को आरोपी संजीत कुमार ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर अपनी पत्नी खुशबू देवी पर किरासन तेल छिड़ककर आग लगा दी थी. गंभीर रूप से झुलसी खुशबू को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया. इलाज के दौरान 1 जुलाई 2021 को उनकी मौत हो गई.

डाइंग डिक्लेरेशन बना सबसे अहम सबूत

मामले की सुनवाई के दौरान मृतका का डाइंग डिक्लेरेशन (फर्द बयान) अभियोजन पक्ष के लिए सबसे मजबूत साक्ष्य साबित हुआ. इलाज के दौरान दर्ज अपने बयान में खुशबू देवी ने स्पष्ट रूप से अपने पति संजीत कुमार पर आग लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया था. इसी बयान के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया.

अभियोजन ने मांगी कठोर सजा

सजा के बिंदु पर हुई बहस के दौरान अपर लोक अभियोजक शाहिद कमाल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के लिए कठोर दंड की मांग की. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कृष्णानंद सिंह ने आरोपी के पक्ष में दलीलें पेश कीं. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई.

परिवार बोला- चार साल बाद मिला न्याय

फैसले के बाद मृतका के भाई सोहन कुमार ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि खुशबू देवी की शादी घटना से करीब दो वर्ष पहले संजीत कुमार से हुई थी. शादी के बाद परिवार को पता चला कि आरोपी की पहले भी एक शादी हो चुकी थी और पहली पत्नी की भी मौत हो चुकी थी. इतना ही नहीं, खुशबू से विवाह के बाद उसने दूसरी महिला से भी शादी कर ली थी.

सोहन कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी लगातार दहेज की मांग करता था और उनकी बहन को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था. दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसने खुशबू को जिंदा जलाकर मार डाला। उन्होंने कहा कि चार साल तक परिवार ने न्याय के लिए संघर्ष किया और अब अदालत के फैसले से उन्हें संतोष मिला है.

अदालत का संदेश

इस फैसले को दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है. अदालत ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों में दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा दी जाएगी, ताकि समाज में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.