‘हर घर तिरंगा’ अभियान से गूंजा गयाजी, आयुर्वेद महाविद्यालय में भव्य तिरंगा यात्रा; भारत माता की जय के नारों से गूंजा परिसर
Gaya: 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को स्वामी राघवेन्द्राचार्य त्रिदंडी आयुर्वेद महाविद्यालय में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पूरा महाविद्यालय परिसर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर तिरंगा यात्रा निकाली और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारों से वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना रहा। विद्यार्थियों ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने और स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की अपील की।
मां सरस्वती और भगवान धन्वंतरि की पूजा से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के सचिव स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य, उपसचिव पी. के. सिंह और वरिष्ठ प्राध्यापकों ने मां सरस्वती एवं भगवान धन्वंतरि के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद अतिथियों और प्राध्यापकों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
दीप प्रज्वलन के साथ ही परिसर में आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और समृद्धि में योगदान देने का संकल्प लिया।
‘तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। तिरंगा भारत की संप्रभुता, अखंडता, विविधता और करोड़ों देशवासियों के आत्मसम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आजादी की रक्षा करना और राष्ट्र को मजबूत बनाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य समाज को स्वस्थ और निरोगी बनाना है। इसी तरह राष्ट्रसेवा भी समाज और देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाती है। भावी चिकित्सकों को अपने पेशे के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को भी समझना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित के कार्यों से जुड़ने और आसपास के लोगों को देश की एकता एवं अखंडता के प्रति जागरूक करने की अपील की।
ध्वज के सम्मान और नियमों का पालन करने की अपील
महाविद्यालय के उपसचिव पी. के. सिंह ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक भारतीय के गौरव और सम्मान का प्रतीक है। इसलिए तिरंगा फहराते समय भारतीय ध्वज संहिता में निर्धारित नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को केवल पर्व के रूप में मनाने के बजाय आजादी के पीछे छिपे संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रभक्ति के भाव को समझना चाहिए। देश के विकास और समाज की सेवा के लिए निरंतर प्रयास करना ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
हाथों में तिरंगा लेकर निकली जागरूकता रैली
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण तिरंगा यात्रा एवं जागरूकता रैली रही। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर रैली निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
रैली में ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारे गूंजते रहे। विद्यार्थियों ने लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की जानकारी दी और स्वतंत्रता दिवस पर घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया।
देशभक्ति गीत, भाषण और कविताओं ने बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने देशभक्ति गीत, भाषण और कविताओं की प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के बलिदान और देश की आजादी के महत्व को सामने रखा गया।
विद्यार्थियों ने कहा कि देश की आजादी लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। युवा पीढ़ी का दायित्व है कि वह देश की एकता, अखंडता और विकास में अपनी भूमिका निभाए।
प्राध्यापक, चिकित्सक और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, चिकित्सक, सहायक प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें प्रो. एस. पी. सिन्हा, प्रो. संग्राम केशरी प्रधान, प्रो. सिद्धनाथ करन, प्रो. टी. के. पाठक, प्रो. अशोक कुमार सिंह और प्रो. विजय साह सहित अन्य प्राध्यापक शामिल रहे।
चिकित्सकों एवं सहायक प्राध्यापकों में डॉ. रविकांत तिवारी, डॉ. अभिक पाल, डॉ. मौतुषी नाथ, डॉ. मनु कुशवाहा, डॉ. सुप्रिया, डॉ. गौरव दाश, डॉ. दीपक यादव, डॉ. सुरभि त्रिवेदी, डॉ. दिब्य सामल, डॉ. अखिलेश रात्रे, डॉ. अनन्या साहा और डॉ. पंकज कुमार मौजूद रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विशाल शर्मा, जितेंद्र शर्मा, अश्विनी शर्मा और श्याम शर्मा का विशेष सहयोग रहा।
राष्ट्र निर्माण में योगदान का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन से पहले भावी चिकित्सकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने राष्ट्र निर्माण, देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और विकास में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
अंत में सामूहिक राष्ट्रगान हुआ। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना से भर गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में देशप्रेम और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।