सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे: डॉ. प्रेम कुमार बोले- ‘सहकार से समृद्धि’ से विकसित भारत का सपना होगा साकार

 

Patna News: सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इसे देश के सहकारिता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा, नई ऊर्जा और नई गति देने के उद्देश्य से स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय का गठन किया, जिससे देश के किसानों, ग्रामीणों और सहकारी संस्थाओं को नई पहचान मिली है।

बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में डॉ. प्रेम कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आर्थिक मजबूती का आधार किसान, महिलाएं, छोटे उद्यमी और सहकारी संस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की साझा प्रगति की भावना का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय के गठन के बाद देशभर में सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने, डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। विशेष रूप से प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि किसानों को गांव स्तर पर ही बीज, खाद, कृषि उपकरण, भंडारण और बैंकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। सहकारी बैंकों को सशक्त बनाने, डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने और बहु-राज्य सहकारी समितियों में सुधार जैसे कदमों से सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि किसानों की उपज के भंडारण की समस्या को दूर करने के लिए भंडारण क्षमता के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखकर बेहतर समय पर उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, दुग्ध सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई मजबूती मिली है।

बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में सहकारिता की भूमिका को अहम बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पैक्स, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण उद्यमियों को केंद्र सरकार की योजनाओं से सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि सहकारिता को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है, ताकि हर किसान, महिला, युवा और ग्रामीण परिवार इससे जुड़ सके।

डॉ. प्रेम कुमार ने विश्वास जताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ सहकारिता क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।