बिहार विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ, NEET पेपर लीक पर विपक्ष का प्रदर्शन; सत्ता पक्ष का पलटवार
Patna: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का आगाज सोमवार को जोरदार राजनीतिक टकराव के साथ हुआ। सत्र के पहले ही दिन विधानसभा परिसर से लेकर सदन के भीतर तक विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्षी विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए जवाबी हमला बोला।
पोस्टर-बैनर के साथ विधानसभा पहुंचे विपक्षी विधायक
सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के विधायक विधानसभा परिसर में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “NEET छात्रों को न्याय दो” और “पेपर लीक की जवाबदेही तय करो” जैसे नारे लगाए। साथ ही नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने की मांग भी उठाई गई।
हालांकि सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए, जिसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
शिक्षा नीति को लेकर सरकार पर विपक्ष का हमला
राजद विधान पार्षद कारी सुहैब ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक विचारधारा के अनुसार प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रों का भविष्य बनाना होना चाहिए, न कि उसे राजनीतिक रंग देना।
जदयू का पलटवार, ‘विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं’
विपक्ष के आरोपों पर जदयू विधान पार्षद खालिद अनवर ने पलटवार करते हुए कहा कि स्कूलों के रंग या अन्य प्रतीकात्मक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल की अवधारणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच का हिस्सा रही है और राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उछाल रहा है और उसके पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है।
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर भी उठे सवाल
सदन के बाहर और भीतर सत्ता पक्ष ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को भी मुद्दा बनाया। जदयू नेताओं ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष ही सदन में मौजूद नहीं हैं तो सरकार को प्रभावी ढंग से कैसे घेरेंगे।
विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को मिली जन्मदिन की बधाई
उधर, बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के जन्मदिन पर सदन का माहौल कुछ देर के लिए सौहार्दपूर्ण दिखा। सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित सभी सदस्यों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। यह भी उल्लेखनीय रहा कि विधान पार्षद बनने के बाद निशांत कुमार पहली बार सदन की कार्यवाही में शामिल हुए।
सभापति ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को शुभकामनाएं दीं और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान का भी उल्लेख किया। साथ ही 12 नवनिर्वाचित सदस्यों का सदन में स्वागत किया गया।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सियासी तल्खी
मानसून सत्र के पहले दिन ही सत्ता और विपक्ष के बीच जिस तरह तीखी नोकझोंक देखने को मिली, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आगामी दिनों में सदन में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्य जनहित के मुद्दों पर जोरदार बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों के आधार पर जवाब देने की तैयारी में जुटा है।