बांका में नल-जल योजना बेपटरी: करोड़ों खर्च, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण

 

Banka news: बांका जिले के बाराहाट प्रखंड के मिर्जापुर पंचायत के चंगेरी और मिर्जापुर गांवों में सरकार की बहुप्रचारित हर घर नल-जल योजना दम तोड़ती दिखाई दे रही है। कागजों पर करोड़ों की लागत से बनी व्यवस्था हकीकत में लोगों की प्यास भी नहीं बुझा पा रही है। कई घरों में पाइपलाइन तो जरूर पहुंच गई, लेकिन नलों में पानी नाम मात्र को भी नहीं आता।

चंगेरी में पांच साल से पाइपलाइन, पर पानी एक बूंद नहीं

चंगेरी गांव के वार्ड 2, 3 और 4 में पांच वर्ष पहले पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज तक किसी भी घर में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीण बताते हैं कि शिकायतें करते-करते साल बीत गए, लेकिन विभागीय अधिकारी मौके पर आने तक को तैयार नहीं हैं।

मिर्जापुर में तीन महीनों से टंकी बंद, लोग बाजार से पानी खरीदने को मजबूर

मिर्जापुर के वार्ड 5 और 6 में स्थिति और भी खराब है। यहां पिछले तीन महीनों से जलमिनार पूरी तरह ठप पड़ी है। नतीजतन, लोग महंगे दामों पर पानी खरीदने या हैंडपंप और स्थानीय स्रोतों पर निर्भर होने के लिए मजबूर हैं।

तीन हजार से अधिक आबादी जल संकट में फंसी

ग्रामीण रामदयाल बिंद, बबलू मंडल, विवेक कुमार, दशरथ साह और कृष्णदेव बिंद का कहना है कि पहले मिर्जापुर स्थित पानी टंकी से दोनों गांवों में पानी पहुंचता था। लेकिन अब टंकी से निकलने वाली सीमित पानी की धारा कुछ ही घरों तक पहुंचती है, वह भी कभी-कभार। पाइपलाइन कई जगह टूटी पड़ी है, कई स्थानों पर जाम हो चुकी है और कई इलाकों में सप्लाई पूरी तरह बंद है। नतीजा—तीन हजार से ज्यादा की आबादी पानी के लिए भटक रही है।

“सात निश्चय” की योजना फेल, ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश

2015 में शुरू हुई नल-जल योजना शुरुआती महीनों में ठीक चली, लेकिन धीरे-धीरे पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ग्रामीण मिथिलेश कापरी, अनिल यादव और राजेंद्र यादव का कहना है कि “सरकार ने पानी की तरह पैसा बहाया, लेकिन पानी लोगों तक नहीं पहुंचा।” पाइपलाइन की मरम्मत वर्षों से नहीं हुई और पूरा सिस्टम जर्जर हो चुका है।

ग्रामीणों की मांग- सर्वे करें, पाइपलाइन ठीक कराएं और नई बोरिंग हो

लगातार बढ़ती परेशानी के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में तुरंत सर्वे कर समस्याओं की पहचान की जाए। पाइपलाइन मरम्मत, लीक ठीक करने और जरूरत पड़ने पर नई बोरिंग की व्यवस्था कर पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल की जाए।

मौजूदा हालात साफ बताते हैं कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो नल-जल योजना यहां सिर्फ एक अधूरा वादा बनकर रह जाएगी।

रिपोटर: दीपक कुमार, बांका