सुपौल के शिक्षक नरेश कुमार निराला को मिला राजकीय शिक्षक पुरस्कार, नवाचार के जरिए शिक्षा को बना रहे रोचक

 

Bihar news: शिक्षक दिवस के मौके पर सुपौल जिले के एक शिक्षक की मेहनत और नवाचारी सोच को राज्य स्तर पर सम्मान मिला है। छातापुर प्रखंड के आदर्श प्राथमिक विद्यालय, केवला में कार्यरत शिक्षक एवं युवा कवि नरेश कुमार निराला को बिहार सरकार की ओर से ‘राजकीय शिक्षक पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उन्हें प्रशस्ति-पत्र, मोमेंटो, अंगवस्त्र और पुस्तकें प्रदान की गईं। इसके साथ ही सम्मान स्वरूप 30 हजार रुपये की राशि का चेक भी दिया गया। कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

बच्चों की पढ़ाई में नवाचार पर जोर

नरेश कुमार निराला का शिक्षण सिर्फ किताबों और पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है। वे कक्षा में बच्चों की रुचि बनाए रखने के लिए अलग-अलग रचनात्मक गतिविधियों का इस्तेमाल करते हैं। उनका प्रयास बच्चों को पाठ्यक्रम की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को विकसित करना है।

उनकी इसी कार्यशैली ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने में भूमिका निभाई है। शिक्षक के साथ-साथ युवा कवि के रूप में भी उनकी पहचान है।

पुरस्कार को बताया नई जिम्मेदारी

राजकीय शिक्षक पुरस्कार मिलने के बाद नरेश कुमार निराला ने बिहार सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि सुपौल जिले के शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का भी सम्मान है।

उन्होंने कहा कि पुरस्कार ने उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ा दिया है। इससे उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में पहले से अधिक समर्पण और प्रभावी तरीके से काम करने की प्रेरणा मिलेगी।

सुपौल में खुशी का माहौल

नरेश कुमार निराला को राज्य स्तरीय सम्मान मिलने की खबर के बाद छातापुर से लेकर पूरे सुपौल जिले में खुशी का माहौल है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मणि भूषण कुमार, महेश पासवान, आलोक रंजन, छातापुर के बीईओ देश कुमार यादव और सरायगढ़ के बीईओ शिव शंकर पंडित समेत कई लोगों ने उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।

दूसरे शिक्षकों के लिए भी मिसाल

शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि नरेश कुमार निराला की उपलब्धि उन शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य स्तर पर मिला यह सम्मान सुपौल की शैक्षणिक प्रतिभा को नई पहचान देने के साथ ही विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने में भी मददगार साबित हो सकता है।