74 देशों के नेवी अफसर पहुंचे बोधगया, महाबोधि मंदिर में टेका मत्था; आध्यात्मिक संगम से गूंजा वैश्विक मैत्री का संदेश

 
Bihar news: ज्ञान और शांति की पावन धरती बोधगया शुक्रवार को एक अनोखे अंतरराष्ट्रीय संगम की साक्षी बनी। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और MILAN-26 के तहत भारत आए 74 देशों के नौसेना प्रतिनिधियों ने विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में दर्शन कर भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली को नमन किया।

करीब 327 विदेशी नौसेना अधिकारी और कर्मी इस विशेष एक दिवसीय आध्यात्मिक भ्रमण में शामिल हुए। यह प्रतिनिधिमंडल Indian Navy के तत्वावधान में विशाखापत्तनम में आयोजित द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास और सम्मेलन में भाग लेने भारत आया है।

बोधगया पहुंचने पर प्रतिनिधियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी की सदस्य सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी, महाबोधि मंदिर के केयरटेकर भिक्खु चालिंदा, भिक्खु डॉ. दीनानंद, महाविहार के रेजिडेंट भिक्षुओं और कमेटी के सदस्यों ने खादा भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

प्रतिनिधियों को मंदिर परिसर, पवित्र बोधि वृक्ष और महाविहार के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें भगवान बुद्ध के जीवन, ज्ञान प्राप्ति की कथा और शांति, करुणा व सह-अस्तित्व के सार्वभौमिक संदेश से परिचित कराया गया।

आयोजकों ने बताया कि बौद्ध दर्शन के ये मूल्य न केवल आध्यात्मिक जीवन का आधार हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग, विश्वास और वैश्विक मैत्री को भी सुदृढ़ करते हैं।

दौरे के अंत में विदेशी प्रतिनिधियों ने बोधगया के शांतिपूर्ण वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा की खुलकर सराहना की। उन्होंने इसे एक यादगार अनुभव बताते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति आभार जताया।

यह यात्रा केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत और वैश्विक समुद्री समुदाय के बीच रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।