बेलागंज विधायक मनोरमा देवी के पुत्र रॉकी यादव से नक्सलियों ने मांगी 5% लेवी, नहीं देने पर काम बंद कराने और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी

 

Gaya News: गया की बेलागंज विधानसभा क्षेत्र की विधायक मनोरमा देवी के पुत्र एवं ठेकेदार रॉकी यादव को नक्सलियों के नाम पर लेवी मांगने का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य की लागत का 5 प्रतिशत लेवी नहीं देने पर काम बंद कराने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है। इस मामले को लेकर गया के रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शिकायत के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई हैं।


जानकारी के अनुसार, रॉकी यादव की निर्माण कंपनी झारखंड के चतरा जिले में करीब 128 करोड़ रुपये की लागत से बाइपास सड़क निर्माण का कार्य करा रही है। इसी परियोजना को लेकर पिछले कई दिनों से उन्हें लगातार व्हाट्सएप कॉल और धमकी भरे संदेश मिल रहे थे। इसके अलावा एक धमकी भरा पत्र भी भेजा गया, जिसमें खुद को भाकपा (माओवादी) संगठन का सदस्य बताते हुए निर्माण कार्य की कुल लागत का 5 प्रतिशत लेवी देने की मांग की गई।

धमकी भरे पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर लेवी की राशि नहीं दी गई तो निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करा दिया जाएगा। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि आदेश की अवहेलना करने पर इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर रॉकी यादव ने गया के रामपुर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की। आवेदन के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी देने के लिए जिन मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल किया गया है, उनकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। धमकी भरे पत्र की भी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि धमकी वास्तव में किसी नक्सली संगठन की ओर से दी गई है या फिर किसी असामाजिक तत्व ने नक्सलियों के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी वसूलने की कोशिश की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने झारखंड पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया है। चूंकि मामला एक बड़े सरकारी निर्माण कार्य और अंतरराज्यीय क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच कई स्तरों पर की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि पहले भी संबंधित निर्माण कार्य में इस तरह की धमकियां मिली थीं या नहीं।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल और धमकी भरे पत्र के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।