पटना स्नातक MLC सीट पर नया ट्विस्ट, अनंत के विरोधी ने अपनी ही पार्टी के अनुज से बनाई दूरी; नीरज के खिलाफ बढ़ी चुनौती

 

Bihar news: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव की तारीख सामने आते ही पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। यहां मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों के बीच नहीं रह गया है, बल्कि पुराने राजनीतिक टकराव और नेताओं के बीच बने समीकरण भी चर्चा में आ गए हैं। इसी बीच जन सुराज के नेता प्रियदर्शी पीयूष ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह से दूरी बनाकर चुनावी समीकरण को नया मोड़ दे दिया है।

पटना स्नातक सीट पर मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को जेडीयू ने दोबारा उम्मीदवार बनाया है। वहीं जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है, जिन्हें मोकामा विधायक अनंत सिंह का समर्थन हासिल है। राजद की ओर से दिलीप कुमार भी इस सीट से उम्मीदवार हैं।

23 अक्टूबर को वोटिंग, 27 को आएगा नतीजा

बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों समेत कुल आठ सीटों पर चुनाव होना है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर तय की गई है।

चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

अनुज सिंह के समर्थन में हैं अनंत सिंह

जन सुराज ने 24 सितंबर को डॉ. अनुज सिंह को पटना स्नातक सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया था। इससे पहले ही मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान कर दिया था। दूसरी ओर जेडीयू ने अपने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को फिर से मैदान में उतारा है।

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद भी इस चुनाव में खुलकर सामने आए हैं। अनंत सिंह नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दे चुके हैं और उन्हें चुनाव में हराने की चुनौती भी दे चुके हैं।

अब अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी से पीयूष ने बनाई दूरी

इस बीच मोकामा विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ चुके प्रियदर्शी पीयूष ने डॉ. अनुज सिंह के समर्थन से इनकार कर दिया है।

पीयूष ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना रुख साफ करते हुए कहा कि वह अनंत सिंह समर्थित जन सुराज उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपने विवेक, राजनीतिक मूल्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मतदान करने की अपील की है।

हालांकि, पीयूष ने अपने बयान में जेडीयू के नीरज कुमार के समर्थन का कोई सीधा ऐलान नहीं किया है। उनका सार्वजनिक रुख फिलहाल डॉ. अनुज सिंह से दूरी बनाने तक सीमित है।

पुराने राजनीतिक टकराव का भी किया जिक्र

प्रियदर्शी पीयूष ने अपने फैसले के पीछे पुराने राजनीतिक टकराव का हवाला दिया है। उन्होंने मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान हुए विवाद और दुलारचंद यादव की मौत से जुड़े मामले का भी जिक्र किया।

पीयूष के मुताबिक, इस मामले को लेकर उनकी कानूनी लड़ाई अभी जारी है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में अनंत सिंह समर्थित उम्मीदवार का समर्थन करना उनकी राजनीतिक और नैतिक प्रतिबद्धताओं के अनुरूप नहीं है। ये बातें पीयूष के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं।

नीरज-अनंत की जुबानी जंग से भी गरम है माहौल

पटना स्नातक सीट पर डॉ. अनुज सिंह की उम्मीदवारी के बाद अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुराना राजनीतिक टकराव भी फिर चर्चा में है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा लिया है, जबकि नीरज की उम्मीदवारी जेडीयू ने बरकरार रखी है।

ऐसे में इस सीट पर अब तीन प्रमुख नाम—नीरज कुमार, डॉ. अनुज सिंह और दिलीप कुमार—चुनावी मैदान में हैं। वहीं प्रियदर्शी पीयूष के ताजा रुख ने जन सुराज के भीतर और मोकामा से जुड़े राजनीतिक समीकरणों को चर्चा में ला दिया है।

उम्मीदवारों से आगे बढ़ा मुकाबला

पटना स्नातक सीट का चुनाव अब सिर्फ दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबले तक सीमित नहीं दिख रहा। अनंत सिंह-नीरज कुमार के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान और पीयूष के अपने ही दल के प्रत्याशी से दूरी बनाने के बाद स्थानीय समीकरण भी अहम हो गए हैं।

फिलहाल सबकी नजर 23 अक्टूबर के मतदान पर है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के प्रचार और नेताओं के बयानों के साथ इस सीट की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।