निशांत कुमार की ‘सद्भाव यात्रा’ से गरमाई बिहार की सियासत! वाल्मीकिनगर से दी सियासी एंट्री की दस्तक
जंगल की वादियों में सफारी के जरिए सियासी संदेश देने की कोशिश साफ नजर आई। इसके बाद निशांत कुमार ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और नर देवी माता स्थान पर पूजा-अर्चना कर आस्था और राजनीति का अनोखा संगम पेश किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात में भारी उत्साह देखने को मिला।
दरअसल, इस ‘सद्भाव यात्रा’ को सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि एक संभावित सियासी एंट्री के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार इतने बड़े स्तर पर जनता और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि यात्रा के पहले चरण में वे बेतिया समेत पश्चिमी चंपारण के कई इलाकों का दौरा करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, वे सुबह 10:40 बजे बेतिया के लिए रवाना होंगे।
निशांत कुमार ने अपनी इस पहल को समाज के हर वर्ग को साथ जोड़ने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर और थारू आदिवासी समाज के लिए उनके पिता द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी।
वाल्मीकिनगर से शुरू हुई यह ‘सद्भाव यात्रा’ अब बिहार की सियासत में नई चर्चा और संभावनाओं का केंद्र बन गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह यात्रा निशांत कुमार के राजनीतिक करियर की औपचारिक शुरुआत साबित होती है या सिर्फ एक सियासी संदेश बनकर रह जाती है।