इस्तीफे के बाद भी ‘नीतीश-नीतीश’- जदयू दफ्तर पहुंचे नीतीश कुमार, गूंजे समर्थकों के नारे
दफ्तर पहुंचते ही नीतीश कुमार ने परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। “भारत का नेता कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो” और “जय नीतीश, जय निशांत” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
हालांकि यह दौरा ज्यादा लंबा नहीं रहा—करीब 10 मिनट में ही नीतीश कुमार दफ्तर से रवाना हो गए, लेकिन इस छोटे से दौरे ने भी सियासी हलचल को तेज कर दिया।
भामाशाह जयंती बना आयोजन का केंद्र
जदयू कार्यालय में वीर शिरोमणि दानवीर भामाशाह की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी ने इस मौके को सामाजिक समरसता, सेवा और त्याग के संदेश से जोड़ने की कोशिश की।
कार्यकर्ताओं को दिए गए 5 बड़े संदेश
कार्यक्रम के दौरान बांटे गए पैंपलेट में नीतीश कुमार के पांच संदेश खास चर्चा में रहे-
• “मैं काम करता हूं, मेरा काम ही बोलता है”
• “राजनीति सेवा के लिए है, मेवा के लिए नहीं”
• “न्याय के साथ विकास”
• “आधे मन से कोई बड़ा काम नहीं होता”
• “बिहार को ऊंचाई पर ले जाना है”
नीतीश कुमार के इस दौरे को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक संकेतों की झलक भी हो सकता है।