अब ब्लड के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे बड़े अस्पतालों के चक्कर, बिहार के 276 प्रखंडों में खुलेंगे ब्लड कलेक्शन सेंटर

Bihar Blood Collection Centre: नई व्यवस्था के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों का रक्त नमूना (ब्लड सैंपल) लिया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिला रक्त बैंक से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा. इससे मरीजों और उनके परिजनों को रक्त की व्यवस्था के लिए जिला अस्पतालों या बड़े शहरों तक जाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी.
 

Patna: बिहार सरकार ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत राज्य के 276 प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में ब्लड कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना और जिला मुख्यालयों पर निर्भरता कम करना है.

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. सरकार का कहना है कि इस योजना से रेफरल व्यवस्था मजबूत होगी और प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा.

प्रखंड स्तर पर होगी रक्त नमूना संग्रह की सुविधा

नई व्यवस्था के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों का रक्त नमूना (ब्लड सैंपल) लिया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिला रक्त बैंक से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा. इससे मरीजों और उनके परिजनों को रक्त की व्यवस्था के लिए जिला अस्पतालों या बड़े शहरों तक जाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी.

सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ब्लड बैंक की सुविधा उनके नजदीक उपलब्ध हो, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके.

गया में सबसे अधिक 17 ब्लड कलेक्शन सेंटर

राज्य में सबसे अधिक 17 ब्लड कलेक्शन सेंटर गया जिले में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा:

  • मधुबनी और सिवान – 14-14 केंद्र
  • पश्चिम चंपारण और रोहतास – 12-12 केंद्र
  • पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और सारण – 11-11 केंद्र
  • मुजफ्फरपुर – 10 केंद्र
  • समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर, नालंदा और भोजपुर – 9-9 केंद्र
  • सहरसा, बक्सर, नवादा और मधेपुरा – 8-8 केंद्र
  • पटना, वैशाली, सुपौल, गोपालगंज और कटिहार – 7-7 केंद्र
  • किशनगंज और जमुई – 6-6 केंद्र
  • बेगूसराय और बांका – 5-5 केंद्र
  • कैमूर और मुंगेर – 4-4 केंद्र
  • पूर्णिया, अररिया, जहानाबाद और अरवल – 3-3 केंद्र
  • शिवहर, खगड़िया और औरंगाबाद – 2-2 केंद्र
  • लखीसराय – 1 केंद्र

ग्रामीण मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में रक्त की आवश्यकता होने पर मरीजों को कई किलोमीटर दूर जिला अस्पताल या ब्लड बैंक तक जाना पड़ता है. कई बार समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने से इलाज में देरी भी होती है.

नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रखंड स्तर पर ही रक्त नमूना संग्रह किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार संबंधित रक्त बैंक से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा. इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ-साथ आर्थिक और समय दोनों की बचत होगी.

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

राज्य सरकार का मानना है कि ब्लड कलेक्शन सेंटर शुरू होने से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी. साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका भी बढ़ेगी और गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

सरकार की यह पहल मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.