गांधी-शास्त्री जयंती पर डॉ. प्रेम कुमार ने किया नमन, बोले- राष्ट्र निर्माण में ईमानदारी से निभाएं अपनी जिम्मेदारी
Bihar news: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी देश और समाज के लिए प्रासंगिक हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा को अपने जीवन का आधार बनाया। इन्हीं मूल्यों के जरिए उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके विचार मानवता और सामाजिक जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सत्य और अहिंसा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी लोगों को प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सादगी और सेवा के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए मजबूत इच्छाशक्ति और नैतिक मूल्यों की जरूरत होती है।
शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को किया याद
बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का पूरा जीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का उदाहरण रहा।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि शास्त्री जी ने सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और देश के प्रति समर्पण की जो मिसाल पेश की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
राष्ट्र निर्माण में निभानी होगी अपनी भूमिका
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके आदर्शों को केवल याद करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें अपने आचरण और सार्वजनिक जीवन में उतारा जाए।
उन्होंने कहा कि देश और समाज की प्रगति के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। सत्य, सेवा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को अपनाकर ही मजबूत राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
दोनों महापुरुषों के आदर्शों से लेने की जरूरत
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना आज भी उतना ही जरूरी है।