पेपर लीक पर भड़का विपक्ष, तेजस्वी का मोदी सरकार पर हमला; बोले- ‘23 लाख छात्रों के भविष्य से फिर खिलवाड़’
Bihar news: परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय बताया है। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर देश में एक भी बड़ी परीक्षा बिना पेपर लीक के क्यों नहीं हो पा रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार समेत देश के कई राज्यों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार सिर्फ जांच और बयानबाजी तक सीमित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहीं यह “संयोग और प्रयोग” की राजनीति का हिस्सा तो नहीं, जिसमें परेशान सिर्फ आम छात्र और उनके परिवार हो रहे हैं।
राजद नेता ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से करीब 23 लाख छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी। अब उन्हें फिर से अलग-अलग शहरों में जाकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना होगा, जिससे आर्थिक बोझ के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों को यात्रा, होटल और अन्य खर्चों का सामना करना पड़ेगा, जबकि इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।
तेजस्वी यादव ने सरकार से सवाल पूछा कि 552 शहरों में दोबारा परीक्षा कराने के दौरान लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल खर्च होगा, उसका जवाब कौन देगा? उन्होंने कहा कि युवाओं का समय, पैसा और मेहनत लगातार बर्बाद हो रही है, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस समाधान नहीं दिख रहा।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था देने के बजाय संस्थानों के राजनीतिक इस्तेमाल में ज्यादा व्यस्त है। नेताओं का कहना है कि पेपर लीक अब “व्यवस्था की बीमारी” बन चुका है, जिस पर सख्त और स्थायी कार्रवाई की जरूरत है।
फिलहाल पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाकर सरकार को घेरने में जुट गया है।