बिहार विधानसभा में पत्रकारों के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा, कवरेज बहिष्कार पर स्पीकर से मांगा जवाब
Patna: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पत्रकारों से जुड़े विवाद को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों के साथ हुए घटनाक्रम और मीडिया द्वारा किए जा रहे कवरेज बहिष्कार का मुद्दा उठाते हुए सरकार और विधानसभा प्रशासन से जवाब मांगा।
विपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद अहम है और पत्रकारों को अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए स्वतंत्र एवं अनुकूल माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने इस मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों से जुड़े विवाद का जल्द समाधान निकाला जाए।
दरअसल, एक जदयू विधायक द्वारा पत्रकारों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत दिए जाने के बाद विवाद गहरा गया। इसके बाद एक मीडिया संस्थान के प्रेस प्रतिनिधि को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं मिलने के विरोध में पत्रकारों ने कवरेज का बहिष्कार कर दिया। विरोधस्वरूप मीडिया कर्मियों ने अपने कैमरे नीचे रख दिए और विधानसभा परिसर में न तो फोटोग्राफी की और न ही वीडियो कवरेज की।
इस दौरान विधानसभा पोर्टिको के बाहर विपक्षी विधायक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे, लेकिन मीडिया ने विरोध के तौर पर उनकी गतिविधियों की भी रिकॉर्डिंग नहीं की। इस घटनाक्रम का असर विधानसभा की नियमित मीडिया कवरेज पर भी देखने को मिला।
सदन में विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों को पहले की तरह निर्बाध रूप से कवरेज की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। विपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि मामले का समाधान नहीं हुआ तो वे सदन की कार्यवाही के बहिष्कार पर भी विचार करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विपक्ष को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत की जा चुकी है और समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी इस विषय पर चर्चा हुई थी और आगे भी संवाद के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
स्पीकर ने सदन को यह भी जानकारी दी कि पत्रकारों से जुड़े इस पूरे मामले पर चर्चा के लिए दोपहर 12 बजे का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों की बात सुनकर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
पत्रकारों के बहिष्कार और विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा का तीसरा दिन राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ मीडिया की स्वतंत्रता और विधानसभा में पत्रकारों की भूमिका को लेकर भी चर्चा का केंद्र बन गया।