बिहार में ‘रोशनी का अभियान’ तेज: 89 हजार से ज्यादा लोगों की आंखों की जांच, 76 हजार को चश्मे की जरूरत

 
Bihar news: बिहार में चल रहे मुफ्त नेत्र जांच अभियान ने बड़ा असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के सभी 101 अनुमंडलों में संचालित बुनियाद केंद्रों पर अब तक 89,526 लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है। इनमें 76,027 लोगों को चश्मे की जरूरत पाई गई है, जो इस अभियान की व्यापकता और आवश्यकता को दर्शाता है।

स्वास्थ्य विभाग के इस विशेष अभियान के तहत अब तक 12,771 जरूरतमंदों को चश्मा भी वितरित किया जा चुका है। यह अभियान 5 मई तक जारी रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

हर दिन हजारों लोग पहुंच रहे केंद्रों पर
राज्य के बुनियाद केंद्रों पर प्रतिदिन करीब 5 हजार लोग नेत्र जांच के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों द्वारा जांच के बाद जरूरतमंदों को चश्मा के लिए चिन्हित किया जा रहा है, जिसे 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जा रहा है।

तीन चरणों में चल रहा अभियान
इस अभियान की शुरुआत 23 मार्च से हुई थी। पहले चरण में 86 हजार लोगों की जांच की गई, जिसमें 73 हजार से अधिक को चश्मे की जरूरत पाई गई। दूसरे और तीसरे चरण के साथ यह अभियान लगातार विस्तार ले रहा है।

गोपालगंज बना अव्वल
पहले चरण में सबसे अधिक जांच गोपालगंज सदर बुनियाद केंद्र पर हुई, जहां 1,406 लोगों की जांच की गई और 1,135 लोगों को चश्मा की आवश्यकता पाई गई। विभाग ने हर केंद्र पर 1,000 और पूरे राज्य में 1 लाख चश्मा वितरण का लक्ष्य रखा है।

कमजोर वर्गों के लिए राहत
यह पहल खासतौर पर गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए राहत लेकर आई है। अभियान के जरिए न सिर्फ आंखों की समस्याओं की पहचान हो रही है, बल्कि समय पर उनका समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि अभियान के अंतिम चरण तक अधिकतम लाभार्थियों को जोड़कर इसे सफल बनाया जाए, ताकि “सबके लिए बेहतर दृष्टि” का लक्ष्य हासिल किया जा सके।