पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का फूटा गुस्सा…जिस फ्लाइट में उपराष्ट्रपति CP Radhakrishnan बैठे थे उसे क्यों वाराणसी डायवर्ट करना पड़ा?
Bihar Desk: उपराष्ट्रपति बनने के बाद सीपी राधाकृष्णन पहली बार बिहार पहुंचे। पहले उन्होंने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. वहां एक अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तीसरे संस्करण के समापन सत्र को संबोधित किया. उसके बाद हेलीकाप्टर से सीधे मुजफ्फरपुर के कटरा पहुंचे. वहां मां चामुंडा का दर्शन पूजन किया.
आपको बता दें, पटना एयरपोर्ट पर रविवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब दिल्ली से पटना आने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6E-2769 को अचानक वाराणसी डायवर्ट कर दिया गया. इस फ्लाइट में करीब 140 यात्री सवार थे, जिन्हें पटना की जगह वाराणसी में उतार दिया गया. इसके बाद यात्रियों का गुस्सा एयरपोर्ट पर फूट पड़ा और उन्होंने एयरलाइन प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की. जानकारी के अनुसार उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के कार्यक्रम कि वजह से पटना एयरपोर्ट पर विमान को जगह नहीं मिली.
क्यों डायवर्ट हुई फ्लाइट?
सूत्रों के मुताबिक, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का कार्यक्रम पटना में तय था. सुरक्षा इंतज़ाम और एयरपोर्ट पर पार्किंग की पर्याप्त जगह न होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने फ्लाइट को वाराणसी भेजने का फैसला लिया. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया, लेकिन यात्रियों को इस बारे में पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी.
फ्लाइट डायवर्ट होने की खबर सुनते ही यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा. उनका कहना था कि बिना किसी पूर्व जानकारी के वाराणसी में उतार देना उनके साथ धोखा है. कई यात्रियों ने बताया कि वे जरूरी काम से पटना लौट रहे थे, लेकिन इस घटना की वजह से उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ गया. एक यात्री ने कहाकि हमें बताया गया कि पटना में जगह नहीं है, तो फिर यात्रियों की सुविधा का क्या होगा?
गुस्साए यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवज़े और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की. एयरपोर्ट पर यात्रियों ने नारेबाज़ी करते हुए कहा कि एयरलाइन को पहले ही वैकल्पिक इंतज़ाम करने चाहिए थे. कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी एयरलाइन की आलोचना करते हुए इसे आमजन की परेशानी से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया.
घटना के बाद पटना एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल देखने को मिला. यात्रियों की भीड़ एयरलाइन काउंटर पर जमा हो गई और कई लोग अधिकारियों से बहस करते दिखाई दिए. वहीं, कुछ यात्रियों को वाराणसी से पटना पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग या दूसरी फ्लाइट्स की व्यवस्था की जा रही है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर वीआईपी कल्चर को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. यात्रियों का कहना है कि वीआईपी सुरक्षा के नाम पर आम जनता की सुविधा को नजरअंदाज करना गलत है. लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए सरकार और एयरलाइन कंपनियों को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए.