Patna Durga Puja 2026: पूजा पंडालों को बिजली का झटका! सब्सिडी खत्म, अब देनी होगी पूरी फीस

Patna:  दुर्गा पूजा से पहले पटना के पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन को लेकर बड़ा झटका लगा है. इस बार पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन के लिए सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा और निर्धारित शुल्क की पूरी राशि का भुगतान करना होगा. इससे पूजा समितियों का खर्च बढ़ने की संभावना है.
 

Patna:  दुर्गा पूजा 2026 को लेकर राजधानी में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच पूजा पंडालों में बिजली कनेक्शन को लेकर पेसू (पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई यूनिट) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इस बार दुर्गा पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क का भुगतान करना होगा। जारी शुल्क तालिका में किसी तरह की सब्सिडी का प्रावधान नहीं है।

पेसू के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता दिलीप कुमार सिंह की ओर से जारी निर्देश में अधिकारियों को कहा गया है कि पूजा पंडालों को निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क के आधार पर ही बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। कनेक्शन शुल्क में जीएसटी नहीं लिया जाएगा।

पूजा पंडालों को नहीं मिलेगा सब्सिडी का लाभ

पेसू की ओर से जारी शुल्क तालिका में पूजा पंडालों के लिए किसी विशेष सब्सिडी का प्रावधान नहीं किया गया है। इसके अलावा स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ का लाभ भी पूजा पंडालों को नहीं मिलेगा।

पंडाल में स्वीकृत बिजली लोड के आधार पर कनेक्शन की कुल राशि निर्धारित होगी। यानी जैसे-जैसे लोड बढ़ेगा, बिजली कनेक्शन के लिए जमा की जाने वाली राशि भी बढ़ती जाएगी।

1 KVAH लोड पर 1,878 रुपये शुल्क

पेसू की शुल्क तालिका के अनुसार 1 KVAH लोड के लिए कुल 1,878 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें लोड, पावर फैक्टर, दिन और घंटे के शुल्क के अलावा सर्विस कनेक्शन तथा आवेदन शुल्क शामिल है।

चार KVAH तक के कनेक्शन के लिए 800 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क और 150 रुपये आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, चार KVAH से अधिक के कनेक्शन के लिए 1,800 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क और 400 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।

10 से 20 किलोवाट तक लेते हैं अधिकांश पंडाल

पटना के अधिकांश दुर्गा पूजा पंडालों में बिजली की जरूरत के मुताबिक 10 से 20 किलोवाट तक का अस्थायी कनेक्शन लिया जाता है। यह तात्कालिक बिजली कनेक्शन तीन दिनों के लिए दिया जाता है।

वहीं, बड़े पंडालों और बड़े आयोजनों में बिजली की मांग काफी अधिक होती है। डाकबंगला चौराहा जैसे बड़े पूजा पंडालों में 70 से 80 किलोवाट तक का कनेक्शन लिया जाता है।

पिछले दो वर्षों में कितने पंडालों को मिला कनेक्शन?

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में पटना में कुल 666 पूजा पंडालों में से 591 को तात्कालिक बिजली कनेक्शन दिया गया था। इसके लिए पूजा समितियों ने कुल 24.45 लाख रुपये जमा किए थे।

वहीं, वर्ष 2024 में कुल 630 पंडालों में से 602 को अस्थायी बिजली कनेक्शन मिला था। उस वर्ष पूजा समितियों ने 26.65 लाख रुपये जमा किए थे।

1 से 100 KVAH तक कितना लगेगा शुल्क?

पेसू की ओर से जारी शुल्क तालिका के अनुसार स्वीकृत लोड बढ़ने के साथ कनेक्शन शुल्क भी बढ़ता जाएगा।

स्वीकृत लोड शुल्क
1 KVAH ₹1,878
5 KVAH ₹6,840
10 KVAH ₹11,481
15 KVAH ₹16,121
20 KVAH ₹20,762
30 KVAH ₹30,042
40 KVAH ₹39,323
50 KVAH ₹48,604
60 KVAH ₹57,885
70 KVAH ₹67,166
80 KVAH ₹76,447
90 KVAH ₹85,727
100 KVAH ₹95,008

बिजली कनेक्शन के लिए सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी

दुर्गा पूजा के दौरान बिजली व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए पेसू ने सभी विद्युत अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। पूजा पंडालों को कनेक्शन देते समय भारतीय विद्युत नियम, 1956 में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।

पंडाल और बिजली के तारों के बीच निर्धारित वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल क्लियरेंस बनाए रखना होगा। बिजली विभाग के अधिकारी कनेक्शन जारी करने से पहले इन सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे।

पेसू ने पूजा के दौरान निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विद्युत प्रमंडल में तीनों शिफ्ट में कंट्रोल रूम संचालित करने का भी निर्देश दिया है।

13 प्रमंडलों में कर सकते हैं आवेदन

पूजा पंडालों में अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने के लिए संबंधित पूजा समिति को अपने क्षेत्र के पेसू विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में आवेदन करना होगा।

पटना में पेसू के अंतर्गत आने वाले प्रमुख विद्युत आपूर्ति प्रमंडलों में शामिल हैं:

  • कंकड़बाग-1

  • कंकड़बाग-2

  • पटना सिटी

  • गुलजारबाग

  • बांकीपुर

  • राजेंद्र नगर

  • फतुहा

  • दानापुर

  • नूतन राजधानी

  • पाटलिपुत्र

  • गर्दनीबाग

  • डाकबंगला

  • खगौल

पूजा समितियों को क्या करना होगा?

पूजा पंडालों को अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने के लिए संबंधित विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में आवेदन करना होगा। स्वीकृत लोड के आधार पर शुल्क निर्धारित किया जाएगा और निर्धारित राशि जमा करने के बाद कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

इस बार सब्सिडी का प्रावधान नहीं होने के कारण पूजा समितियों को अपने बजट में बिजली कनेक्शन का पूरा खर्च शामिल करना होगा। वहीं, सुरक्षा मानकों का पालन करना भी अनिवार्य रहेगा।

पेसू ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी पूजा पंडाल बिना वैध बिजली कनेक्शन के बिजली का इस्तेमाल न करे और त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुरक्षित एवं सुचारू बनी रहे।