कैबिनेट बैठक से पहले अशोक चौधरी का जोरदार बयान: किसी की इच्छा से नहीं रुक सकती मेरी राजनीति
Patna Desk: बिहार के प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को लेकर बुधवार को मंत्री अशोक चौधरी ने साफ़ किया कि बैठक का “अंतिम” दर्जा या एजेंडा सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बुलाई आज की बैठक को कुछ सियासी माहौल में मौजूदा कैबिनेट की अंतिम बैठक माना जा रहा है, लेकिन मंत्री चौधरी ने कहा- “आज कैबिनेट है, लेकिन आखिरी है या नहीं यह सरकार तय करेगी।”
एजेंडा और आचार संहिता
अशोक चौधरी ने बताया कि क्या एजेंडा बचा हुआ है या कोई बड़ी घोषणा होनी है यह पूरी तरह से सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े प्रतिनिधि मंडल से बातचीत के बाद मिली कमियों का त्वरित निराकरण प्रशासन कर रहा है और औपचारिक प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं।
महिला रोजगार योजना- चुनावी तुक्केबाज़ी नहीं, दीर्घकालिक कदम
महिला रोजगार योजना और 10-10 हजार रुपये के सीधे ट्रांसफर पर उठ रहे सवालों को चौधरी ने खारिज किया। उनके शब्दों में यह “चुनावी तुक्केबाज़ी नहीं बल्कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दीर्घकालिक पहल” है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने छोटे-छोटे अनुदान दिए, पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सतत विकास को ध्यान में रखकर महिलाओं को दीर्घकालिक सहायता देने का फैसला लिया है। चौधरी ने भरोसा दिलाया कि आगे और सहायता भी दी जाएगी और जो भी आरोप हैं वे भ्रम फैलाने की कोशिशें हैं- “पैसा सीधे महिलाओं के खातों में भेजा गया है।”
संपत्ति के आरोपों पर चौधरी का तीखा रुख
प्रशांत किशोर व उनके सहयोगियों द्वारा लगाए जा रहे संपत्ति संबंधी आरोपों के जवाब में अशोक चौधरी ने कहा कि उन्हें बेतुके दावे स्वीकार नहीं। चौधरी ने दोहराया कि यदि उनके घोषित संपत्ति के अलावा कोई प्रमाणिक कागजात दिखाए जाएंगे तो वे जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने अपने जहानाबाद में दिए बयान को भी दोहराया और कहा- “मेरी घोषित संपत्ति के अलावा एक धुर जमीन कोई दिखा दे तो मैं जवाब दूँगा।”
“किसी की इच्छानुसार मेरी राजनीतिक हत्या नहीं होगी”
आरोप-प्रत्यारोप पर चौधरी ने कहा कि व्यक्तिगत धमकियों या आरोपों से उनकी राजनीतिक विरासत समाप्त नहीं होगी। “किसी के चाहने से मेरी राजनीतिक हत्या नहीं होगी—मैं जनता के बीच जाकर अपना हिसाब दूँगा,” उन्होंने कहा। चौधरी ने यह भी कहा कि अदालत का रास्ता लंबा होता है, इसलिए वे “जनता की अदालत” में जाकर अपना पक्ष रखेंगे और उम्मीद जताई कि दो महीने के भीतर नतीजा दिखेगा।
चुनाव और राजनीति की चेतावनी
चौधरी ने विपक्ष पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जनता नीतीश सरकार पर भरोसा रखती है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश के अलावा राज्य में कोई दूसरा ऐसा नेता पैदा नहीं हुआ है और यदि उन्हें चुनना पड़ा तो वे स्वयं चुनाव लड़ेंगे या किसी को खड़ा कराएंगे- “दो में से एक काम करूंगा।”