28 फरवरी आज पटना विश्वविद्यालय में होने जा रहा छात्रसंघ चुनाव, अध्यक्ष पद के लिए मैदान में 11 उम्मीदवार, 19 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स करेंगे वोटिंग
 

Patna University Election: चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस बार छात्रसंघ चुनाव के लिए विश्वविद्यालय क्षेत्र को 14 कांस्टीट्यूएंसी में बांटा गया है. इन सभी क्षेत्रों में कुल 41 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. मतदान के लिए लगभग 200 बैलेट बॉक्स की व्यवस्था की गई है.
 

Patna University Election: पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को केवल एक कॉलेज इलेक्शन कहना गलत होगा, क्योंकि यह बिहार की 'राजनीतिक नर्सरी' है जहां से भविष्य के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री निकलते हैं. इस बार 28 फरवरी को होने वाले चुनाव में विश्वविद्यालय का पूरा कैंपस चुनावी रंग में रंगा हुआ है.

पटना यूनिवर्सिटी का इतिहास गवाह है कि यहां के छात्र संघ की सीढ़ियों ने देश की संसद तक का रास्ता तय किया है. पिछले साढ़े तीन दशकों से बिहार की सत्ता के केंद्र रहे लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार इसी छात्र राजनीति की खोज हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, बीजेपी के कद्दावर चेहरे जैसे सुशील कुमार मोदी, अश्विनी चौबे और रविशंकर प्रसाद ने भी इसी कैंपस के गलियारों में अपने नेतृत्व की पहली धार तेज की थी.

आज शनिवार को छात्रसंघ चुनाव कराया जा रहा है. इस चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में हलचल तेज है. सेंट्रल पैनल के 5 पदों के लिए कुल 40 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि काउंसलर पद के लिए 45 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि काउंसलर पद पर पांच उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, लेकिन उनकी औपचारिक घोषणा विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आज 28 फरवरी को की जाएगी. छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और सभी प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ मतदान प्रतिशत बढ़ाने में जुटे हैं.

200 बैलट बॉक्स की व्यवस्था: चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस बार छात्रसंघ चुनाव के लिए विश्वविद्यालय क्षेत्र को 14 कांस्टीट्यूएंसी में बांटा गया है. इन सभी क्षेत्रों में कुल 41 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. मतदान के लिए लगभग 200 बैलेट बॉक्स की व्यवस्था की गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस चुनाव में 19 हजार से अधिक छात्र मतदाता हैं, जो अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. मतदान की प्रक्रिया सुबह 8:30 बजे शुरू होकर दोपहर 2:30 बजे तक चलेगी. इसके बाद सभी बैलेट बॉक्स को पटना आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा.

शाम 4:30 बजे से मतगणना: मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया भी आज ही के दिन शुरू की जाएगी. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शाम 4:30 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी. देर रात तक परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मतगणना स्थल पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. विश्वविद्यालय प्रशासन ने पटना जिला प्रशासन से पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल की उपलब्धता की मांग की है और प्रशासन की ओर से उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई गई है.

अध्यक्ष पद के लिए सबसे अधिक 11 उम्मीदवार: सेंट्रल पैनल के पदों की बात करें तो अध्यक्ष पद के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में हैं. उपाध्यक्ष पद पर 8 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. महासचिव पद के लिए 9 उम्मीदवार, संयुक्त सचिव पद के लिए 6 उम्मीदवार और कोषाध्यक्ष पद के लिए 6 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. सभी पदों के लिए मुकाबला कड़ा माना जा रहा है. छात्रसंघ चुनाव को लेकर प्रचार के दौरान छात्रों ने कैंपस की मूलभूत समस्याओं, पढ़ाई की व्यवस्था, लाइब्रेरी, डिजिटल शिक्षा, हॉस्टल और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है.

विश्वविद्यालय की पहचान छात्रों से होती है: इस बीच विश्वविद्यालय की कुलपति नमिता सिंह ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय की पहचान उसके छात्रों से होती है और छात्र ही उसकी गरिमा के संवाहक होते हैं. उन्होंने सभी प्रत्याशियों और मतदाताओं से अनुशासन बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया. कुलपति ने यह भी कहा कि चुनावी मंच से छात्रों द्वारा जो भी मुद्दे उठाए गए हैं, उन पर विश्वविद्यालय स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

सभी का सहयोग जरूरी: कुलपति ने यह भी कहा कि 28 फरवरी को होने वाले चुनाव में सभी का सहयोग जरूरी है. छात्रों के सहयोग के बिना चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराना संभव नहीं है. उन्होंने विश्वविद्यालय के तमाम छात्र-छात्राओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की.

"छात्रों का भविष्य उनके अपने निर्णय पर निर्भर करता है और उन्हें जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि पटना विश्वविद्यालय के छात्र अपने विवेक से सही प्रतिनिधियों का चयन करेंगे और विश्वविद्यालय की पुरानी गरिमा को फिर से स्थापित करने में योगदान देंगे."-नमिता सिंह, कुलपति, विश्वविद्यालय

सभी तैयारियां पूरी: कुलपति ने कहा कि छात्रसंघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की आवाज होता है. इसके माध्यम से छात्र अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं. ऐसे में जरूरी है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो. उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि सभी छात्र मिलकर ऐसी परंपरा विकसित करेंगे, जिससे पटना विश्वविद्यालय का नाम एक बार फिर शैक्षणिक जगत में सम्मान के साथ लिया जाए. अब आज का दिन पटना विश्वविद्यालय के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. छात्रसंघ चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि आने वाले समय में छात्रों की आवाज को कौन नेतृत्व देगा. प्रशासन की ओर से चुनाव से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.