मानसून में भी पानी के लिए तरसे लोग, गया नगर निगम की बैठक में जलापूर्ति व्यवस्था पर उठा बड़ा सवाल

Gaya: बैठक में वार्ड संख्या 4, 6, 8, 9, 10, 11, 16, 17, 25 से 35, 40, 41, 44 और 51 में जलापूर्ति संबंधी समस्याएं प्रमुखता से उठीं. पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में लोग अब भी नियमित पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं और पाइपलाइन विस्तार का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है.
 

Gaya: नगर निगम कार्यालय में शनिवार को शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा को लेकर मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में नगर आयुक्त डॉ. गगन, बुडको के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य तथा विभिन्न वार्डों के पार्षद शामिल हुए. इस दौरान शहर के कई वार्डों में पेयजल संकट, अधूरी पाइपलाइन परियोजनाओं और खराब जलापूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक में वार्ड संख्या 4, 6, 8, 9, 10, 11, 16, 17, 25 से 35, 40, 41, 44 और 51 में जलापूर्ति संबंधी समस्याएं प्रमुखता से उठीं. पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में लोग अब भी नियमित पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं और पाइपलाइन विस्तार का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है.

मेयर गणेश पासवान ने बुडको अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मानसून के दौरान भी लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने अधिकारियों को लंबित पाइपलाइन कार्य जल्द पूरा करने और जलापूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बुडको की लापरवाही का खामियाजा नगर निगम और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.

वार्ड संख्या 4, 5 और 6 के पार्षदों ने क्षेत्र में अतिरिक्त जलमीनार (ओवरहेड टैंक) बनाने की मांग उठाई. इस पर बुडको अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया जा चुका है और आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी.

वहीं, वार्ड संख्या 35 के पार्षद ने बताया कि उनके क्षेत्र के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से में अब भी जल संकट बना हुआ है. कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. इस पर मेयर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

बैठक में वार्ड 32 के पार्षद गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत वीसी-कोठी रोड और परमानंद पथ पर सड़क खोदकर महीनों से अधूरा छोड़ देने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि बरसात में सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है. साथ ही आशा सिंह मोड़ पर लगभग एक करोड़ रुपये की स्वीकृत योजना का काम ठेकेदार चयन नहीं होने के कारण शुरू नहीं होने पर भी चिंता जताई.

नगर आयुक्त डॉ. गगन ने बैठक के अंत में निर्देश दिया कि जलापूर्ति और पाइपलाइन से जुड़े सभी लंबित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन वार्डों में पेयजल संकट बना हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित कर लोगों को जल्द राहत दी जाए.