गया में आधी रात पुलिस का एक्शन! दरोगा पुत्र हत्याकांड के दो आरोपी मुठभेड़ में घायल
गया से धीरज सिन्हा की रिपोर्ट
Gaya: बिहार के गया जिले में दरोगा पुत्र रानू सिंह हत्याकांड की जांच के बीच पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भिक्षा गांव में शुक्रवार देर रात करीब दो बजे पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दो आरोपी श्याम बिहारी और गौरव उर्फ कला के पैर में गोली लगी। दोनों को इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गया के एसएसपी सुशील कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।
इस कार्रवाई के बाद 19 अक्टूबर की रात हुई रानू सिंह की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस अब मुठभेड़ की परिस्थितियों के साथ हत्याकांड में आरोपियों की भूमिका और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
19 अक्टूबर की रात दो भाइयों पर हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
यह वारदात 19 अक्टूबर 2026 की देर रात करीब 11:30 बजे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में हुई थी। मोतिहारी में तैनात दरोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दोनों बेटों को निशाना बनाकर अपराधियों ने गोलीबारी की थी।
इस घटना में 30 वर्षीय रानू सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनके बड़े भाई मोनू सिंह (32) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मोनू सिंह का पटना के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी थी।
फोन कर बुलाने के बाद हत्या करने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुराने विवाद और जुए से जुड़े मामले को संभावित वजह के तौर पर देखा गया था। जानकारी के मुताबिक, दोनों भाइयों को कथित तौर पर फोन कर एक स्थान पर बुलाया गया था। इसके बाद उन पर गोलियां चलाई गईं।
हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी और वारदात की साजिश में किन लोगों की भूमिका थी, इसका अंतिम खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस और एसटीएफ की छापेमारी के बीच मुठभेड़
हत्याकांड के बाद से गया पुलिस और एसटीएफ की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थीं। मामले में पहले भी दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। इसी क्रम में भिक्षा गांव में हुई मुठभेड़ के दौरान दो अन्य आरोपियों के घायल होने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, घायल आरोपियों की पहचान श्याम बिहारी और गौरव उर्फ कला के रूप में हुई है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ के दौरान क्या परिस्थितियां बनीं और मौके से कोई हथियार या अन्य सामान बरामद हुआ या नहीं, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
गिरफ्तार आरोपी के पिता को लेकर भी चर्चा
मामले में यह जानकारी भी सामने आई है कि पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल नरेंद्र सिंह, घायल आरोपी श्याम बिहारी के पिता बताए जा रहे हैं। नरेंद्र सिंह के सेवानिवृत्त दरोगा होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और मामले में उनकी भूमिका से जुड़े तथ्यों का इंतजार है।
अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
रानू सिंह हत्याकांड में दो आरोपियों के मुठभेड़ के दौरान घायल होने के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस का ध्यान अब घटना की पूरी साजिश का पता लगाने, आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने और फरार संदिग्धों तक पहुंचने पर है।
फिलहाल, दोनों घायल आरोपियों का इलाज चल रहा है। हत्याकांड की वजह, मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम और अन्य आरोपियों की संलिप्तता को लेकर पुलिस की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।