बिहार में ‘पावर गेम’ तेज! दिल्ली बैठक के बाद कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट, 6 मई के आसपास बड़ा फैसला संभव

 
Bihar news: बिहार की राजनीति एक बार फिर नए समीकरणों की ओर बढ़ती नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल चुनाव की हलचल थमते ही अब बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी तापमान तेजी से चढ़ गया है। राजधानी दिल्ली में हुई एक अहम बैठक ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

सूत्रों के मुताबिक, जदयू नेता संजय झा के आवास पर हुई इस मुलाकात में जदयू और भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि सत्ता के नए समीकरणों को लेकर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में बीजेपी के वरिष्ठ नेता की मौजूदगी ने संकेत साफ कर दिए हैं कि जल्द ही बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है।

CM पर बढ़ा बोझ, विस्तार की जरूरत महसूस
फिलहाल बिहार में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री मिलकर करीब 47 विभागों का जिम्मा संभाल रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसे कम करने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार को जरूरी माना जा रहा है।

‘50-50 फॉर्मूला’ पर बनती दिख रही सहमति
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी और जदयू के बीच लगभग 50-50 का फॉर्मूला तय हो चुका है। इसके तहत दोनों दलों को बराबर मंत्री पद मिल सकते हैं। संभावित समीकरण के अनुसार बीजेपी कोटे से मुख्यमंत्री समेत 16 मंत्री, जदयू कोटे से डिप्टी सीएम सहित 16 मंत्री और सहयोगी दलों को करीब 4 मंत्री पद दिए जा सकते हैं।

6 मई के आसपास हो सकता है बड़ा ऐलान
पहले अप्रैल के अंत तक विस्तार की उम्मीद थी, लेकिन कैबिनेट बैठक के बाद यह टल गया। अब ताजा राजनीतिक हलचल के बीच 6 मई के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है।

सियासत में हर मुलाकात के मायने
फिलहाल बिहार की राजनीति ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां हर बैठक, हर बयान और हर रणनीति आने वाले बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सत्ता का यह नया समीकरण कब और किस रूप में सामने आता है।