Prashant Kishor का NDA पर आरोप: “10-10 हजार देकर वोट खरीदे गए, 6 महीने में वादे पूरे नहीं हुए तो करूंगा घेराव”

 

Bihar news: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार झेलने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) अब आक्रामक मोड में आ गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने मीडिया से बात करते हुए नीतीश–मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। PK ने दावा किया कि चुनाव में पैसे की खुली खरीद-फरोख्त हुई।

उन्होंने कहा- “सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर 10-10 हजार रुपए में वोट खरीदे। अगर 6 महीने के भीतर महिलाओं के खाते में 2-2 लाख रुपए नहीं गए, तो मैं एक-एक मंत्री और अफसर का घेराव करूंगा।”

उनके इस बयान ने बिहार के सियासी माहौल में नई हलचल खड़ी कर दी है। संपत्ति दान का बड़ा ऐलान: “20 साल में जो कमाया, सब जन सुराज को दे रहा हूं”

प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनता से आर्थिक मदद की अपील की। उन्होंने कहा:
    •    “हर व्यक्ति साल में 1000 रुपए दे। चाहे तो इससे ज्यादा भी दे सकते हैं।”
    •    “जो लोग 1000 रुपए नहीं देंगे, उनसे मैं नहीं मिलूंगा।”

PK ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि पिछले 20 साल में जो भी संपत्ति अर्जित की है, वह सब वे जन सुराज को दान कर रहे हैं।
    •    दिल्ली वाला मकान छोड़कर बाकी सारी प्रॉपर्टी आंदोलन के नाम कर दी जाएगी।
    •    आगे 5 साल में जो भी कमाई होगी, उसका 90% पैसा जन सुराज में लगेगा।

उनका यह फैसला बिहार की राजनीति में एक अलग तरह का संदेश दे रहा है।

15 जनवरी से ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान’ शुरू

PK ने अपने अगले बड़े अभियान की घोषणा भी कर दी। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी से वे पूरे बिहार के 1,18,000 वार्ड और 550 प्रखंड में जाएंगे। इस दौरान वे लोगों से मिलकर सरकार के वादों को पूरा कराने की लड़ाई लड़ेंगे।

PK ने चुनौती देते हुए कहा- “जिन्हें 10 हजार रुपए मिले हैं, उन्हें 2 लाख रुपए दिलवाऊंगा। डेढ़ साल लग जाए, लेकिन यह अभियान रुकेगा नहीं।”

नीतीश मंत्रिमंडल पर सीधा प्रहार: “अपराधी, अनपढ़ और वंशवाद के चेहरे मंत्री बनाए गए”

पीके ने नवगठित कैबिनेट को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा: 
    •    कई मंत्रियों पर आपराधिक आरोप हैं।
    •    कई पढ़े-लिखे तक नहीं हैं।
    •    सिर्फ इसलिए मंत्री बनाए गए क्योंकि उनके पिता मंत्री थे।

PK ने कहा कि यह मंत्रिमंडल बिहार की जनता के साथ “नए घाव पर नमक” लगाने जैसा है।

चुनाव बाद PK का मौन व्रत: हार की जिम्मेदारी लेते हुए आत्ममंथन

चुनाव परिणाम आने के बाद PK ने पश्चिम चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम में 24 घंटे का मौन व्रत रखा। जन सुराज की ओर से बताया गया कि यह विरोध नहीं था, बल्कि हार की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करने और जनता के संदेश को समझने का प्रयास था।

पीके पूरे 24 घंटे वहीं बैठे रहे और रात में उसी स्थल पर सोए भी।

जन सुराज का खाता भी नहीं खुला: लगभग 98% उम्मीदवारों की जमानत ज़ब्त

243 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली जन सुराज के लिए नतीजे बेहद निराशाजनक रहे।
    •    एक भी उम्मीदवार नहीं जीत सका।
    •    लगभग 98% सीटों पर जमानत जब्त हो गई।
इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर PK ने जनता से माफी मांगी थी और मौन-उपवास की घोषणा की थी।