गयाजी में पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियां शुरू: डीएम शशांक शुभंकर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, श्रद्धालुओं को हर सुविधा देने पर जोर

 

Gaya News: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को गया शहर स्थित जिला परिषद सभागार में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर पहली समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल समेत कई पंडा समाज ने भाग लिया। इस दौरान मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा सभी आवश्यक तैयारियों को समय पर पूरा करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल गया जिले ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए आस्था का एक महत्वपूर्ण पर्व है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना से गया पहुंचकर विभिन्न वेदियों पर पिंडदान और तर्पण करते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक के दौरान बताया गया कि पितृपक्ष मेला 26 सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने नगर निगम, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पेयजल विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहर की साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, अस्थायी आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी के घाटों तथा प्रमुख पिंडदान स्थलों पर विशेष व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई। भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस सेवा, नियंत्रण कक्ष, सूचना केंद्र तथा खोया-पाया केंद्र स्थापित करने जैसे विषयों पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
नगर निगम के वार्ड पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपने सुझाव रखे। उन्होंने शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और यातायात संबंधी समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया। जिलाधिकारी ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मेले से पहले सभी विभाग अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे, ताकि समय रहते कमियों को दूर किया जा सके। साथ ही सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मेले के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन का विशेष फोकस इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन पर रहेगा। इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी तथा यातायात संचालन के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों, दवाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), सदर अनुमंडल पदाधिकारी, नगर निगम के प्रभारी नगर आयुक्त, जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), सिटी एसपी, अंचल अधिकारी (सीओ) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष एवं अन्य संबंधित प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए।

जिला प्रशासन का मानना है कि सभी विभागों के सामूहिक प्रयास और बेहतर समन्वय से इस वर्ष का पितृपक्ष मेला अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा। बैठक के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों का औपचारिक आगाज हो गया है और अब विभिन्न विभाग अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप कार्यों को गति देंगे, ताकि विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।