बिहार विधान परिषद में रेल कूपन व्यवस्था होगी डिजिटल, सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दी मंजूरी; पूर्व और वर्तमान सदस्यों को मिलेगा आसान सिस्टम

 

 

Bihar news: बिहार विधान परिषद के वर्तमान और पूर्व सदस्यों को मिलने वाली रेल कूपन व्यवस्था को अब डिजिटल करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस दिशा में बुधवार को विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था के तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

रेल कूपन व्यवस्था के डिजिटलिकरण के लिए पूर्व मध्य रेल के अधिकारियों ने एक ड्राफ्ट डिजिटल वर्कफ्लो तैयार किया है। बैठक में इस वर्कफ्लो के संचालन, उपयोग में आसानी और व्यवहारिकता को लेकर अधिकारियों ने प्रस्तुति दी और विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।

परिषद सचिवालय में लागू होगा डिजिटल सिस्टम

प्रस्तावित डिजिटल रेल कूपन प्रणाली को सरल और सुगम बताते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इसे बिहार विधान परिषद सचिवालय में लागू करने की स्वीकृति दे दी है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद रेल कूपन से जुड़े कामकाज को डिजिटल माध्यम से संचालित करने में मदद मिलेगी। इससे प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और संबंधित सदस्यों के लिए सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।

तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं पर हुई चर्चा

बैठक में केवल डिजिटल सिस्टम की तकनीकी संरचना ही नहीं, बल्कि उसके व्यावहारिक इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह देखा कि नई व्यवस्था को परिषद सचिवालय में किस तरह सरल तरीके से लागू किया जा सकता है।

बैठक में पूर्व मध्य रेल के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक अंजय तिवारी सहित बिहार विधान परिषद के सचिव शिव गोपाल मिश्र, निदेशक ज्ञान प्रकाश, उप सचिव नवीन कुमार मिश्र, अवर सचिव अरविन्द कुमार सिन्हा तथा लेखा शाखा-2 के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम

रेल कूपन व्यवस्था के डिजिटल होने से परिषद सचिवालय के कामकाज में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा। प्रस्तावित सिस्टम के जरिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की कोशिश की जा रही है।

सभापति की मंजूरी के बाद अब डिजिटल रेल कूपन प्रणाली को परिषद सचिवालय में लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।