बिहार में राजस्व व्यवस्था ठप: CO की अनिश्चितकालीन हड़ताल से अंचल कार्यालयों में कामकाज बंद
अधिकारियों का आरोप है कि सरकार लंबे समय से डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) पद पर तैनाती के मुद्दे पर वादाखिलाफी कर रही है। उनका कहना है कि इस मामले में पटना हाई कोर्ट ने भी निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया। इसी के विरोध में अधिकारियों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार का फैसला लिया है।
पहले से हड़ताल पर हैं कर्मचारी
राज्य में राजस्व व्यवस्था पहले से ही दबाव में थी, क्योंकि राजस्व विभाग के कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारी प्रोन्नति, स्थानांतरण और वेतन विसंगतियों समेत 17 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब अधिकारियों के भी हड़ताल में शामिल होने से अंचल कार्यालयों में पूरी तरह सन्नाटा छा गया है।
जमीन से जुड़े काम हुए प्रभावित
इस हड़ताल का सीधा असर जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों पर पड़ा है। विशेष रूप से दाखिल-खारिज, जाति और आय प्रमाण पत्र जारी करने जैसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वे और चकबंदी कार्यक्रम पर भी असर पड़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही सरकार और अधिकारियों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो आम लोगों खासकर किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।