NEET छात्रों के समर्थन में बिहार विधान परिषद के बाहर RJD का हंगामा, अब्दुल बारी सिद्दीकी बोले- ‘लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला’
Bihar news: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को NEET छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सदन से लेकर सड़क तक गरमाया रहा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान परिषद सदस्यों ने बिहार विधान परिषद के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का विरोध किया।
प्रदर्शन कर रहे राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की निंदा की।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सरकार पर साधा निशाना
राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि छात्रों के खिलाफ जिस तरह पुलिस कार्रवाई की गई, वह गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को दबाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने वालों पर मुकदमे की कार्रवाई को लेकर भी सिद्दीकी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुकदमे या कार्रवाई की धमकी से विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाना जारी रहेगा।
दिल्ली के प्रदर्शन का भी उठा मुद्दा
बिहार में राजद का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब दिल्ली में छात्रों से जुड़े विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सियासत तेज है। परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की मांगों को लेकर दिल्ली में चल रहे आंदोलन के बीच पुलिस कार्रवाई के आरोपों ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक और मुद्दा दे दिया है।
इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद में भी विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही भी प्रभावित हुई और दोनों सदनों को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
मानसून सत्र में और गरमा सकता है छात्र मुद्दा
बिहार विधान परिषद के बाहर RJD का प्रदर्शन और दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को लेकर जारी सियासी बयानबाजी से साफ है कि NEET और छात्र आंदोलन का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस के केंद्र में रह सकता है। बिहार में विपक्ष ने संकेत दे दिया है कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों को सदन के भीतर उठाने के साथ-साथ सड़क पर भी सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगा।