SIR विवाद पर RJD का बिहार में बड़ा प्रदर्शन, कैमूर से आरा-गोपालगंज तक सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता; CEC के खिलाफ खोला मोर्चा

 

Bihar News: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय जनता दल के केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कैमूर, गोपालगंज और भोजपुर में राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और कई जगह उनका पुतला भी जलाया। राजद नेताओं ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने की प्रक्रिया, SIR और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।

कैमूर में जुलूस के बाद पुतला दहन

कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ में राजद कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से जुलूस के रूप में निकले। निवर्तमान जिलाध्यक्ष अकलू राम और रामगढ़ के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अजीत सिंह के नेतृत्व में निकला यह मार्च एकता चौक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया।

इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए गए। राजद नेता अजीत सिंह ने SIR के साथ-साथ मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की व्यवस्था तथा चुनावी डेटा से जुड़ी डिजिटल प्रणालियों के केंद्रीकरण पर सवाल उठाए।

14 आपत्तियों वाली रिपोर्ट का भी उठा मुद्दा

प्रदर्शन में 23 सितंबर को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला भी दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में इन आपत्तियों को मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और चुनावी डेटाबेस के नियंत्रण जैसे मुद्दों से जोड़ा गया है। (The Indian Express)

हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस रिपोर्ट के बाद कहा गया कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे और आंतरिक विचार-विमर्श में मतभेद होना बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। (Hindustan Times)

गोपालगंज में भी निकला विरोध मार्च

गोपालगंज में जिला राजद की ओर से अंबेडकर चौक से विरोध मार्च निकाला गया। जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता शहर के प्रमुख रास्तों से होते हुए स्टेट बैंक चौक पहुंचे। यहां मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर विरोध जताया गया।

जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह, पूर्व विधायक राजेश सिंह कुशवाहा और प्रधान महासचिव इम्तेयाज अली भुट्टो ने SIR को लेकर मतदाताओं के बीच पैदा हो रही आशंकाओं का मुद्दा उठाया। नेताओं ने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी देने की मांग की।

आरा में भी राजद ने किया शक्ति प्रदर्शन

भोजपुर जिला मुख्यालय आरा में भी राजद कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष वीरबल यादव के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विधान पार्षद सोनू राय, जिला प्रवक्ता आलोक रंजन और जिला परिषद सदस्य डॉ. भीम यादव समेत कई पार्टी नेता शामिल हुए।

राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का दिया संदेश

प्रदर्शनों के दौरान राजद नेताओं ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन मतदाता अधिकार, पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती से जुड़े सवालों को लेकर है। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी योग्य नागरिक का नाम प्रभावित नहीं होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया स्पष्ट नियमों के तहत होनी चाहिए।

कैमूर में भोलानाथ सिंह, आशिफ मुन्ना खां और बिरजू पटेल सहित कई नेता मौजूद रहे। वहीं आरा में पूर्व विधायक राम विशुन सिंह उर्फ लोहिया, पूर्व प्रत्याशी रामबाबू सिंह, हाकिम प्रसाद और मंटू शर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

कैमूर में प्रदर्शन के बाद राजद नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने जैसी मांगें रखी गईं।

राजद नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर यदि संतोषजनक जवाब और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हुई, तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करती रहेगी।