बच्चों के हक पर ‘डाका’! सीवान में 200 हेडमास्टरों पर गाज, फर्जी नामांकन से अनाज घोटाले का खुलासा
कैसे हुआ खेल?
जांच में पाया गया कि कई स्कूलों ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज वास्तविक छात्र संख्या से अधिक नामांकन ‘प्रपत्र क’ में दिखाया। इससे यह संदेह गहरा गया है कि अतिरिक्त अनाज और फंड हासिल करने के लिए आंकड़ों में हेरफेर किया गया।
दो दिन में जवाब या कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर दिया है। स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि दो दिनों के भीतर जवाब दें, अन्यथा सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाए।
अधिकारियों पर भी सख्ती
सिर्फ स्कूल ही नहीं, बल्कि प्रखंड स्तर के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। एमआईएस और ई-शिक्षाकोष के आंकड़ों का 100% मिलान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी दोबारा न हो।
अब पोर्टल डेटा ही आधार
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि आगे से सभी योजनाओं का संचालन सिर्फ डिजिटल पोर्टल के डेटा के आधार पर होगा।
आपको बता दें कि फिलहाल जांच जारी है, लेकिन इस खुलासे ने साफ कर दिया है कि बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों पर अब सिस्टम सख्त कार्रवाई के मूड में है।