पटना में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सिस्टम की शुरुआत, नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन; बिहार में इलाज को मिलेगी नई तकनीक

 

Bihar news: बिहार में जॉइंट रिप्लेसमेंट और ऑर्थोपेडिक इलाज के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की एक नई सुविधा जुड़ गई है। राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित मेडिवर्सल मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सोमवार को अत्याधुनिक रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सिस्टम की शुरुआत की गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने इसका विधिवत उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और ललन कुमार सर्राफ भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। रोबोटिक सिस्टम के शुरू होने के बाद घुटना प्रत्यारोपण समेत जॉइंट रिप्लेसमेंट से जुड़ी सर्जरी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

नीतीश कुमार ने अस्पताल की पहल को सराहा

उद्घाटन समारोह में नीतीश कुमार ने अस्पताल की ऑर्थोपेडिक टीम के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेडिवर्सल की टीम लंबे समय से घुटना प्रत्यारोपण और जॉइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में काम कर रही है। अब रोबोटिक तकनीक के जुड़ने से इस क्षेत्र में इलाज की सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध होने से बिहार के मरीजों को जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसे इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ेगा।

बिहार में आधुनिक ऑर्थोपेडिक इलाज को बढ़ावा

रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सिस्टम को ऑर्थोपेडिक सर्जरी में तकनीकी प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस सुविधा के जरिए मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं राज्य में ही उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में मौजूद डॉ. अशोक चौधरी और ललन कुमार सर्राफ ने भी इस पहल को बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि इस तरह की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर करने में मदद मिलेगी।

दूसरे राज्यों पर इलाज के लिए निर्भरता घटाने की कोशिश

बिहार में गंभीर और विशेषज्ञता वाले इलाज के लिए मरीजों का दूसरे राज्यों की ओर जाना लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में पटना में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी सुविधा शुरू होने से राज्य में ही उन्नत ऑर्थोपेडिक उपचार उपलब्ध कराने की कोशिश को बल मिलने की उम्मीद है।

मेडिवर्सल में नई तकनीक की शुरुआत को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।