सम्राट चौधरी का बड़ा आदेश: हर महीने 10 तारीख तक पहुंचे पेंशन, अफसरों को सख्त निर्देश
लोक सेवक आवास में आयोजित समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, बच्चों के पोषण और योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी मजबूत की जाए और सेविकाओं के साथ-साथ बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण, स्टंटिंग और वेस्टिंग के मामलों में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने परवरिश योजना समेत सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाने और अधिक पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग के खाली पदों को जल्द भरने और आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए CSR के माध्यम से सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि गरीब और वंचित वर्गों को समय पर लाभ मिल सके।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग, निवेश और व्यापार से जुड़े मामलों में भी बड़ा निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि निवेशकों, स्टार्टअप और आम लोगों को लाइसेंस, अनुमति और अन्य सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए प्रक्रियाओं को पूरी तरह सरल बनाया जाए।
संकल्प सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को डिजिटल व्यवस्था, ऑनलाइन अनुमोदन और स्व-प्रमाणन प्रणाली को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एक ही दस्तावेज या जानकारी बार-बार मांगने की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की भूमिका जनता और उद्यमियों को सुविधा देने की होनी चाहिए, न कि उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाने की। सरकार राज्य में निवेश और व्यापार के लिए आसान और पारदर्शी माहौल बनाने की दिशा में तेजी से काम करेगी।