बिहार के पावर कॉरिडोर में बढ़ा संजय कुमार सिंह का कद, वित्त से मद्य निषेध तक अहम विभागों की जिम्मेदारी

 

Bihar news: बिहार के प्रशासनिक गलियारों में 2007 बैच के आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद उन्हें सरकार ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही उनके पास वाणिज्य कर विभाग के सचिव, वाणिज्य कर आयुक्त/अपर आयुक्त (GST) और मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी बना हुआ है।

नई जिम्मेदारियों के साथ संजय कुमार सिंह राज्य के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हो गए हैं, जिनके पास राजस्व और सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है।

निबंधन से लेकर GST तक बड़े राजस्व विभागों पर नजर

संजय कुमार सिंह को ऐसे समय में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की जिम्मेदारी मिली है, जब सरकार के राजस्व संग्रह पर विशेष फोकस है। निबंधन विभाग से चालू वित्तीय वर्ष में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

वहीं, वाणिज्य कर और GST से भी सरकार को बड़े राजस्व की उम्मीद है। इसके अलावा प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री और उससे जुड़े प्रशासनिक पहलुओं की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में इन विभागों की जिम्मेदारी एक साथ संभालना प्रशासनिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।

2024 के बाद बढ़ी प्रशासनिक भूमिका

संजय कुमार सिंह के प्रशासनिक प्रभाव को लेकर चर्चा नई नहीं है। वर्ष 2024 में राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों के बीच उन्हें वाणिज्य कर विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। विभाग में कामकाज और राजस्व से जुड़े मामलों को संभालने के उनके अनुभव के बाद उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती गई।

राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के बावजूद महत्वपूर्ण विभागों में उनकी जिम्मेदारियां बनी रहना प्रशासनिक हलकों में उनके अनुभव और कार्यक्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है।

तीन जिलों में DM के तौर पर संभाली कमान

करीब दो दशक के प्रशासनिक करियर में संजय कुमार सिंह ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वे कटिहार, किशनगंज और शेखपुरा के जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जिला प्रशासन में काम करने के दौरान उन्हें कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों के जमीनी क्रियान्वयन का अनुभव मिला।

इसके अलावा शिक्षा विभाग में बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, बिहार स्टेट एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और भवन निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं।

बढ़ती जिम्मेदारियों से बढ़ा कद

प्रशासनिक फेरबदल के बाद संजय कुमार सिंह के पास अब राजस्व, कर, निबंधन और मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व हैं। यही वजह है कि प्रशासनिक गलियारों में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ गई है।

हालांकि किसी अधिकारी की राजनीतिक प्रभावशीलता को लेकर किए जा रहे आकलन मूलतः राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की चर्चाओं पर आधारित होते हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि सरकार ने उन्हें कई संवेदनशील और राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी है, जिससे बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में उनका कद और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ी हैं।