जमुई मामले पर संतोष सुमन बोले- दोषी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून से नहीं बचेगा

 

Bihar News: जमुई में युवती के साथ कथित दुर्व्यवहार और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जाने के मामले को लेकर हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी बेटी के साथ दुर्व्यवहार को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता और मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

SIT के गठन का किया जिक्र

डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया और महिला एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उनके मुताबिक आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक वीडियो को हटाने के लिए भी संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जांच को निष्पक्ष और जल्द पूरा करने के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।

‘कानून अपना काम करेगा’

विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर संतोष सुमन ने कहा कि राजनीतिक बयान देने से पहले यह भी देखा जाना चाहिए कि पुलिस प्रशासन ने मामले में कितनी तेजी से कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज है और किसी भी दोषी को उसके प्रभाव के आधार पर राहत नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “दोषी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और किसी निर्दोष को भी परेशान नहीं किया जाएगा।”

विपक्ष के राजनीतिक अतीत का भी किया जिक्र

डॉ. सुमन ने विपक्षी नेताओं पर पलटवार करते हुए चंपा विश्वास प्रकरण का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस मामले में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की पत्नी ने तत्कालीन राजद विधायक हेमलता यादव के बेटे मृत्युंजय यादव पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

संतोष सुमन के मुताबिक, उपलब्ध रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार बाद में तत्कालीन राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू की और प्राथमिकी दर्ज की गई।

‘आज SIT बनी है और कार्रवाई हो रही है’

चंपा विश्वास मामले का हवाला देते हुए मंत्री ने विपक्ष पर सवाल उठाया कि जिस दौर में एक आईएएस अधिकारी का परिवार न्याय के लिए लंबे समय तक गुहार लगाता रहा, उस दौर के लोग आज बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जमुई मामले में SIT का गठन हो चुका है और जांच के साथ कार्रवाई आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक दोषियों को कानून के दायरे में लाना ही सरकार की प्राथमिकता है।