सारण का बेटा छोटू शर्मा आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद, 4 महीने पहले हुई थी शादी

जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा सेक्टर में आतंकियों से भिड़ते हुए सारण जिले के दरियापुर के जवान छोटू शर्मा शहीद हो गए। 2017 में सेना में भर्ती हुए थे। चार महीने पहले ही शादी हुई थी। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार दिघवारा गंगा घाट पर किया जाएगा।
 

Chapra: जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा सेक्टर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में बिहार के सारण जिले का बेटा शहीद हो गया। दरियापुर थाना क्षेत्र के बेला शर्मा टोला निवासी छोटू शर्मा ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। 30 अगस्त की रात आतंकवादियों से मुकाबले के दौरान वे शहीद हुए।

छोटू शर्मा का चयन वर्ष 2017 में भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स में हुआ था। वर्तमान में वे 24वीं बटालियन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) में तैनात थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फिजिकल की तैयारी शुरू की थी और देश सेवा का सपना पूरा किया।

चार महीने पहले हुई थी शादी

जवान छोटू शर्मा की चार महीने पहले ही शादी हुई थी। शादी के महज पांच दिन बाद ही वे “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए ड्यूटी पर लौट गए थे। 7 सितंबर को छुट्टी पर घर आने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। छुट्टी पर लौटने के बजाय उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा।

गम में डूबा गांव, गूंजे नारे

सोमवार को जब शहीद का पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट लाया गया तो राजकीय सम्मान के साथ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शव को दानापुर छावनी होते हुए सारण के पैतृक गांव लाया गया।
गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। लोग भारत माता की जय और “शहीद छोटू शर्मा अमर रहें” के नारों से गूंज उठे। बताया जाता है कि आतंकियों से भिड़ंत के दौरान शहीद के सिर में गोली लगी थी।

मां-बाप और पत्नी का बुरा हाल

जवान छोटू शर्मा चार भाइयों में सबसे छोटे थे और परिवार में अकेले सरकारी नौकरी में थे। शहीद की पत्नी अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रोती रही। उनकी मां और बहन भी शव से लिपटकर विलाप करती रहीं। पूरे गांव की आंखें नम थीं।

अंतिम संस्कार आज

शहीद छोटू शर्मा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ सारण जिले के दिघवारा गंगा घाट पर किया जाएगा।