सासाराम में दिनदहाड़े गोलीकांड से हड़कंप, युवक की हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी की आशंका, पुलिस ने 5 संदिग्धों को लिया गिरफ्त में...

Sasaram: इसी दौरान पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और उनपर लगातार गोलियां चला दीं. गंभीर रूप से घायल दीपू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलते ही दरिगांव थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. 
 

Sasaram: बिहार के सासाराम जिले में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई. घटना दरिगांव थाना क्षेत्र के बभनगांवा गांव की है, जहां अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलीबारी की. गोली लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है. मृतक की पहचान करपुरवा निवासी 45 वर्षीय दीपू साह के रूप में की गई है.मृतक दीपू साह जब अपने घर लौट रहा था. 

इसी दौरान पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और उनपर लगातार गोलियां चला दीं. गंभीर रूप से घायल दीपू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलते ही दरिगांव थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्राथमिक जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक दीपू साह का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई मामलों में संलिप्त रहा था. करीब दो वर्ष पूर्व बभनगांवा गांव में जमीन और पैसों के विवाद को लेकर सरोज पासवान नामक व्यक्ति की हत्या हुई थी, जिसमें दीपू साह का नाम सामने आया था. इसके अलावा चाकूबाजी की एक घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसकी संलिप्तता बताई गई थी.

पुलिस के अनुसार, दीपू साह पर हत्या का आरोप भी था और वह करीब छह महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था. इस पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस हत्या के पीछे आपसी दुश्मनी और बदले की भावना को प्रमुख कारण मानकर जांच कर रही है. मृतक के परिजनों ने इस मामले में कुछ लोगों के नाम भी पुलिस को बताए हैं. परिजनों के अनुसार, प्रिंस कुमार, राकेश कुमार, विंध्याचल कुमार, पप्पू पासवान और गुड्डू पासवान ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया.

परिजनों का आरोप है कि इन लोगों ने रास्ते में घेरकर दीपू साह पर गोली चलाई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए रौशन कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की निगरानी शुरू की. उन्होंने बताया कि पुलिस ने पांच संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. साथ ही अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी बुलाया गया. 

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच को दिशा दी जाएगी।.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा. घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोग इस तरह की वारदात से चिंतित हैं और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों के बढ़ते हौसले कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जारी है. यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि पुरानी आपराधिक दुश्मनी किस तरह गंभीर और हिंसक रूप ले सकती है. प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि ऐसे मामलों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाया जाए, ताकि आम लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रह सके.