‘छोटे कदम, बड़े बदलाव’ की गूंज: पीबीएल मेले में दिखी बिहार के छात्रों की वैज्ञानिक उड़ान
कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण और नवाचारी शिक्षा का मॉडल बना सकते हैं। बच्चों की रचनात्मकता और जिज्ञासा को देखकर उन्होंने संतोष जताया और इसे “बदलाव की मजबूत नींव” बताया।
मॉडल और प्रयोग से सीखने की नई दिशा
मेले में विज्ञान और गणित से जुड़े प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई गई, जहां बच्चों ने स्वयं तैयार किए गए मॉडल और प्रयोगों के जरिए अपनी समझ प्रस्तुत की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब बच्चे खुद प्रयोग करते हैं और अपनी बात समझाते हैं, तब सीखना ज्यादा प्रभावी और स्थायी बनता है।
अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र और अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया और उनसे संवाद कर उनकी सोच और तैयारी की सराहना की।
‘परख’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन का लक्ष्य
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में राष्ट्रीय औसत से आगे निकलकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल होना है। इसके लिए कक्षा में संवाद, खोज और प्रयोग आधारित शिक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।
एससीईआरटी के निदेशक ने कहा कि पीबीएल पहल ने कक्षा को जीवंत मंच में बदल दिया है, जहां विद्यार्थी सीखने की प्रक्रिया के केंद्र में हैं और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।
38 जिलों से आए छात्रों ने दिखाया हुनर
राज्य भर के सरकारी विद्यालयों के कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान और गणित विषय में अपने अभिनव प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति ने सभी प्रोजेक्ट्स का सूक्ष्म निरीक्षण कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया।
गणित और विज्ञान दोनों विषयों में बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
चर्चा, नाटक और संवाद से सजी शाम
कार्यक्रम में विज्ञान विशेषज्ञों का पैनल डिस्कशन भी हुआ, जहां ‘अनुभव से नेतृत्व’ विषय पर विचार साझा किए गए। बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग समझाए गए। ‘किलकारी’ के प्रशिक्षुओं ने विज्ञान विषय पर नाट्य प्रस्तुति देकर माहौल को और रोचक बना दिया।