अब मोहल्ले में मिलेगा स्पेशलिस्ट इलाज: बिहार में पॉलीक्लिनिक से बदली स्वास्थ्य व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है।
तेजी से बढ़ रहा दायरा
राज्य में इस समय 148 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) संचालित हैं, जिनमें से 51 केंद्रों पर पॉलीक्लिनिक सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। जुलाई 2025 से शुरू इस पहल के तहत फरवरी 2026 तक करीब 1.81 लाख मरीजों को ओपीडी सेवाएं मिल चुकी हैं।
एक ही जगह कई विशेषज्ञ डॉक्टर
पॉलीक्लिनिक केंद्रों पर अब सिर्फ सामान्य इलाज ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टर भी उपलब्ध हैं। यहां मरीजों को जनरल मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, त्वचा, ईएनटी और नेत्र रोग के विशेषज्ञों से परामर्श मिल रहा है।
टेली-मेडिसिन से और आसान हुआ इलाज
जनवरी 2026 से इन केंद्रों पर टेली-मेडिसिन सेवा भी शुरू कर दी गई है, जिससे मरीज दूर बैठे विशेषज्ञों से भी सलाह ले पा रहे हैं। हर केंद्र पर लैब टेक्नीशियन, टेली-मेडिसिन कोऑर्डिनेटर और अन्य स्टाफ की व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों को एक ही जगह संपूर्ण इलाज मिल सके।
अब जिला अस्पताल जाने की जरूरत कम
पहले जहां लोगों को विशेषज्ञ इलाज के लिए जिला अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उपलब्ध हो रही है।
सरकार का अगला लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वित्तीय वर्ष तक सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पॉलीक्लिनिक सेवाएं शुरू कर दी जाएं, ताकि हर व्यक्ति को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके। यह पहल बिहार के स्वास्थ्य सिस्टम को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो रही है।