बिहार में गैस को लेकर मची भगदड़: एजेंसियों पर सुबह 4 बजे से लाइन, सरकार बोली- कमी नहीं है…

अफवाहों के बीच कई जिलों में सिलेंडर लेने उमड़ी भीड़, लोगों की परेशानी बढ़ी; अधिकारियों ने कहा- पर्याप्त स्टॉक मौजूद
 
Bihar news: बिहार के कई जिलों में एलपीजी गैस को लेकर इन दिनों अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। प्रशासन भले ही बार-बार यह कह रहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर चौथे दिन भी लंबी कतारें लगी हुई हैं और लोग सुबह-सुबह सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं।

प्रशासन का दावा- गैस की कोई कमी नहीं

शिवहर जिले की डीएम प्रतिभा रानी ने साफ कहा है कि जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर लेने से बचने की अपील की।

डीएम के अनुसार जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम , इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन  और भारत पेट्रोलियम की कुल 18 एजेंसियां संचालित हैं, जो लगभग एक लाख उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराती हैं। जनवरी में करीब 71 हजार और फरवरी में लगभग 70 हजार उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिया गया।

उन्होंने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि पहले गैस बुकिंग कराएं और ओटीपी मिलने के बाद ही एजेंसी से सिलेंडर लें। कई बार सर्वर या तकनीकी कारणों से ओटीपी आने में थोड़ी देरी हो सकती है।

औरंगाबाद में सुबह 4 बजे से कतार

दूसरी तरफ औरंगाबाद, बिहार में स्थिति अलग दिखाई दे रही है। यहां कई गैस एजेंसियों के बाहर लोग सुबह चार बजे से ही लाइन लगाकर खड़े हो जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर मिलना मुश्किल हो रहा है।

लोगों का आरोप है कि भले ही सरकार कमी से इनकार कर रही हो, लेकिन जमीन पर उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं एजेंसी कर्मियों का कहना है कि वे लगातार आपूर्ति देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मांग बढ़ने से दबाव ज्यादा हो गया है।

सासाराम में भी दिखी लंबी लाइन

इसी तरह सासाराम में भी सुबह-सुबह गैस एजेंसियों के बाहर सैकड़ों लोग सिलेंडर लेकर कतार में खड़े नजर आए। कई लोग सुबह पांच बजे से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रमजान के महीने में गैस खत्म हो जाने से घरों में परेशानी बढ़ जाती है, इसलिए लोग पहले से ही सिलेंडर भरवाकर रखना चाहते हैं। हालांकि एजेंसियों पर रोजाना ट्रकों से सिलेंडर पहुंच रहे हैं।

कोयला और लकड़ी की मांग बढ़ी

गैस को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कुछ जगहों पर लोग वैकल्पिक ईंधन की ओर भी रुख कर रहे हैं। इसका असर बाजार में साफ दिख रहा है- कोयला और लकड़ी के दाम बढ़ने लगे हैं।

प्रशासन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण लोग घबराकर ज्यादा संख्या में सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें।