कटिहार में परीक्षा रद्द होने से भड़के छात्र, कॉपी और प्रश्न पत्र खत्म होने के आरोप पर मचा बवाल
Katihar: बिहार के कटिहार जिले में एक बार फिर छात्रों का भारी आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला. बीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा अचानक स्थगित किए जाने की सूचना मिलते ही छात्र उग्र हो गए. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि छात्रों ने कटिहार-गेड़ाबाड़ी मार्ग और डीएस कॉलेज रोड सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की.
सैकड़ों परीक्षार्थी हुए परेशान: इस अव्यवस्था के कारण करीब 300 छात्र-छात्राएं मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान नजर आए. बिहपुर थाना क्षेत्र से परीक्षा देने पहुंचे छात्र राजा कुमार ने बताया कि शनिवार को बीए प्रथम सेमेस्टर के 'स्वच्छता' विषय की परीक्षा निर्धारित थी. दूर-दराज के इलाकों से बड़ी उम्मीद लेकर पहुंचे परीक्षार्थियों को जब केंद्रों पर पहुंचने के बाद यह बताया गया कि परीक्षा स्थगित कर दी गई है.
तीसरी बार रद्द हुई परीक्षा: प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. छात्र राजा कुमार के अनुसार, यह तीसरी बार है जब परीक्षा की तिथि घोषित होने के बावजूद ऐन वक्त पर उसे रद्द कर दिया गया. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर बार किसी न किसी बहाने से परीक्षा टाल दी जाती है. इस बार छात्रों को यह तर्क देकर वापस भेज दिया गया कि प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की कमी हो गई है.
"आज दोपहर 2 बजे से बीए सेमेस्टर वन के 'स्वच्छता' विषय की परीक्षा होनी थी. लेकिन दोपहर 12:45 बजे अचानक नोटिफिकेशन जारी कर परीक्षा रद्द कर दी गई. प्रशासन का कहना है कि प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं कम पड़ गई हैं. सवाल यह उठता है कि ऐन वक्त पर कॉपियां कैसे घट सकती हैं? यह तीसरी बार है जब हमारे भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया गया है." -राजा कुमार, परीक्षार्थी
यातायात व्यवस्था ध्वस्त: परीक्षा निरस्त होने के विरोध में शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र रूप ले चुका था. छात्रों द्वारा सड़कों पर किए गए चक्का जाम के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. मुख्य मार्गों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण गर्मी में आम राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
पुलिस की मशक्कत और प्रशासनिक आश्वासन: हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही सहायक थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम खुलवाया. प्रशासनिक अधिकारियों ने भी छात्रों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही नई तिथि घोषित कर परीक्षा आयोजित की जाएगी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई, लेकिन इस घटना ने जिले की परीक्षा प्रणाली और प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं.